भारतीय दूल्हा और सर्वोच्च न्यायालय
हमारा देश एक अनोखा देश है। इसकी हर चीज अनोखी है। यहां तक कि हमारे देश का अनोखापन हर जगह विराजमान है। हमारे देश के प्रधानमंत्री अनोखे हैं। हमारी संसद अनोखी है। और हमारे दे
हमारा देश एक अनोखा देश है। इसकी हर चीज अनोखी है। यहां तक कि हमारे देश का अनोखापन हर जगह विराजमान है। हमारे देश के प्रधानमंत्री अनोखे हैं। हमारी संसद अनोखी है। और हमारे दे
भारतीय समाज महिला मुक्ति के मामले में आज दो परस्पर विरोधी गतियों का शिकार नजर आ रहा है। एक ओर समाज में महिला प्रश्न पर बढ़ती जागरूकता दिखाई दे रही है। महिलायें अधिकाधिक घर
आठ मार्च का दिन मजदूर-मेहनतकश महिलाओं का ऐसा दिन है जब वे तसल्ली से इस बात पर विचार करती हैं कि सही क्या और गलत क्या है। मुक्ति क्या और गुलामी क्या है। उनका अतीत क्या व भविष्य क्या है। कौन उनका साथी है और कौन उनकी मुक्ति की राह में रोड़ा है।
हल्द्वानी/ दिनांक 30 नवंबर 2025 को समाज में बढ़ती महिला हिंसा के खिलाफ प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने एक सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार हल्द्वानी के सत्यन
स्त्री विरोधी सोच किस कदर हमारे समाज में पसरी हुई है इसका एक हालिया उदाहरण गुजरात से सामने आया है। स्त्री विरोधी सोच कोई गुपचुप तरीके से जाहिर नहीं की गयी बल्कि चौराहे-सड़
यौन उत्पीड़न के बहुचर्चित मामले में प्रज्वल रेवन्ना को 1 अगस्त को विशेष अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। कुछ समय पहले तक ‘‘माननीय’’ रहे अब कैदी संख्या में बदल गये हैं। ज
काश ये बेटियां बिगड़ जाएं
इतना बिगड़ें के ये बिफर जाएं
उन पे बिफरें जो तीर-ओ-तेशा लिए
राह में बुन रहे हैं दार ओ रसन
और हर आजमाइश द- ए -दार -ओ द- रसन
आर जी कर मेडिकल कालेज कलकत्ता में रेजिडेंट डाक्टर से सामूहिक बलात्कार-हत्या के मामले को एक वर्ष भी नहीं बीता था कि कलकत्ता के एक लॉ कालेज में एक कानून की छात्रा के साथ सा
अपनी शादी के चंद रोज बाद ही अपने पति राजा रघुवंशी ही हत्या कराने की आरोपी सोनम रघुवंशी आजकल समाचार चैनलों व सोशल मीडिया की चहेती खबर बनी हुयी है। सभी समाचार प्रसारणकर्ता
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।