मजदूर संघर्ष

ऐरा के संघर्षरत मजदूर

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रुद्रपुर/ ऐरा श्रमिक संगठन 2016 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत है और कम्पनी का मसला दिल्ली एनसीएलटी कोर्ट से रुद्रपुर श्रम भवन पर आकर टिका हुआ है।

शाही एक्सपोर्ट के मजदूरों का संघर्ष

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पिछले दिनों हरियाणा में मजदूर आंदोलन के दबाव में अप्रैल 2026 में हरियाणा सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ाया। जिसके बाद से ही हरियाणा के तमाम कंपनी मालिक पागलों की तरह मजदूरों को

20 जुलाई जंतर-मंतर के दृश्य

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19 जुलाई को जंतर मंतर धरनास्थल पर शाम के लगभग 4 बजे मैंने प्रवेश किया। पटेल चैक मेट्रो स्टेशन के गेट से जंतर मंतर धरनास्थल पर पहुंचने में आधा घंटा से अधिक लगा। इसकी दूरी

गैर कानूनी ले आफ के खिलाफ मजदूरों का कम्पनी गेट पर धरना

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रुद्रपुर/ भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड, प्लाट नं-18, सेक्टर-2, आई.आई.ई., सिडकुल पंतनगर के कर्मकार विगत 12-14 वर्षों से स्थाई रूप से कार्यरत हैं। प्रबंधन द्वा

मजदूर आंदोलन का दमन

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मानेसर (गुड़गांव) में अप्रैल माह की शुरूआत से ही पुलिस प्रशासन पहले दिन से ही मजदूर आंदोलन की व्यापकता के हिसाब से सक्रिय था। जिस दिन होंडा के मजदूर गेट पर बैठे तो पुलिस प

गिरफ्तार मजदूरों और मजदूर कार्यकर्ताओं को बिना शर्त रिहा करने की मांग

गुड़गांव/ मानेसर (गुड़गांव) और नोएडा (उत्तर प्रदेश) उत्तराखंड में हुए मजदूर आन्दोलन और उसके दमन के खिलाफ मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) ने दिनांक 21 जून

सेवा सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर भोजनमाताओं का प्रदर्शन

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भीमताल/ 30 जून 2026 को प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, उत्तराखण्ड के आह्वान पर आज बड़ी संख्या में भोजनमाताओं ने अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं और न्यायोचित मांगों

मजदूर संघर्षों की लहर का नया केन्द्र- कानपुर

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन का सिलसिला एक के बाद एक फैक्टरी में जारी है। इसी क्रम में 16 मई को सचेंडी स्थित आटो पार्ट्स कम्पनी स्पन माइक्रो

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।