मजदूर आवाज

धार्मिक स्थलों का निर्माण और जन सुविधाओं का सवाल

जहां वर्तमान समय में धर्म और धार्मिक स्थलों का निर्माण या उसका प्रचार खत्म या स्वैच्छिक हो जाना चाहिए था वहां आज इन धार्मिक स्थलों का निर्माण और धर्म का प्रचार सरकारों के रहमोकरम से अधिक से अधिक हो

उत्पीड़न के विरुद्ध भोजनमाताओं का विरोध-प्रदर्शन

रामनगर (नैनीताल) में 22 मार्च को प्रगतिशील भोजनमाता संगठन के बैनर तले बहुत सी भोजनमातायें उप जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष एकत्रित हुईं और स्कूलों में किये जा रहे उनके उत्पीड़न के वि

डयूटी के दौरान काम करते समय एक ठेका मजदूर घायल, अस्पताल में भर्ती

पंतनगर/ 23 मार्च 2023 को पन्तनगर के शैक्षणिक डेरी फार्म के कृषि अनुभाग में कार्यरत ठेका मजदूर तुलेश्वर यादव को कृषि अनुभाग से पशुशाला पुरानी डेरी में गोबर की ट्राली भरने भेजा गया थ

जी-20 की बैठक और उजड़ते गरीब लोग

वर्तमान में जी-20 देशों की बैठक भारत में चल रही है। इसी के तहत विदेशी मेहमानों में भारत की छवि को बेहतर बनाने के लिए भारत सरकार एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। इसके बहाने पुराने एजेंडे (गरीब लोगों को उ

दर्दनाक मौत और मालिक का संवेदनहीन रवैया

हरिद्वार बेगमपुर सिडकुल एरिया में गंगा थर्मा पैक नाम की एक वैण्डर कम्पनी है जो डिंकसन, सोनी, हैवल्स, केन्ट आदि के लिए उत्पादन करती है। कम्पनी का मालिक बारह साल में तीन गुना से भी ज

फासीवादी सत्ता के संरक्षण में अमानवीय होती यू पी पुलिस : एक रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक कस्बा है सहसवान। यहां के दो नजदीकी परिवारों के मामूली विवाद में पुलिस की अनैतिक भूमिका के कारण एक बड़ी और हृदय विदारक घटना घट गई। एक युवक ने कोतवाली में खुद पर पेट

एम्स के गार्डों का संघर्ष

उत्तराखण्ड के ऋषिकेश स्थित आयुर्विज्ञान संस्थान एवं रिसर्च सेन्टर व मेडिकल कालेज (एम्स), उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित होता है। जहां मेडिकल छात्र पढ़ते हैं और उत्तराखण्ड एवं अन्य राज्यों से भी लोग

बीमार ठेका मजदूर के इलाज के लिए चंदा अभियान चलाया

दिनांक 20 एवं 21 फरवरी 2023 को इंकलाबी मजदूर केंद्र एवं ठेका मजदूर कल्याण समिति तथा प्रगतिशील महिला एकता केंद्र के कार्यकर्ताओं ने पंतनगर परिसर के टा कालोनी एवं झा कालोनी में कर्मचारियों/ शिक्षकों

बेलसोनिका यूनियन पर राजनीतिक हमले के विरोध में मजदूर सम्मेलन

गुड़गांव/ गुड़गांव-मानेसर की बेलसोनिका यूनियन को रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन, हरियाणा द्वारा यूनियन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की धमकी के साथ जारी कारण बताओ नोटिस के विरुद्ध मजदूरों का आक्

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बदायूं में ट्रैक्टर मार्च

बदायूं/ 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के द्वारा बदायूं में ट्रैक्टर मार्च का आयोजन किया गया। बदायूं में ए आर टी ओ आफिस के पास 11 बजे से ही ट्रैक्टर ल

आलेख

/west-asia-mein-badalata-shakti-santulan-samajhautaa-gyapan-ke-baad-ki-sthiti

अमरीकी साम्राज्यवादी और इजरायली शासक सोचते थे कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व का सफाया करने के बाद ईरानी जनता अपनी सत्ता के विरुद्ध उठ खड़ी होगी और इसका फायदा उठाते हुए अमरीकी साम्राज्यवादी अपनी किसी कठपुतली को सत्ता में स्थापित कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ईरानी अवाम अपनी सत्ता के समर्थन में मजबूती से खड़ी हो गई। यहां से अमरीकी साम्राज्यवादियों को समझ में आ गया कि वे ईरान पर कब्जा नहीं कर सकते।

/war-anay-sadhanon-se-politics-ka-hi-jaari-roop-hai

अमेरिकी साम्राज्यवादी पश्चिम एशिया में और सारी दुनिया में अपनी साम्राज्यवादी जकड़न को खत्म नहीं होने देना चाहेंगे। वे इसके खिलाफ हर संभव प्रयास करेंगे। एक हमले में मुंह की खाने के बाद वे सबक लेकर आगे हमला करने से तौबा नहीं करेंगे। यह उनकी साम्राज्यवादी फितरत के खिलाफ होगा। यानी वे ईरान पर काबू पाने के लिए दूसरे तरीकों की खोज में लग जायेंगे।

/emerjency-tab-aur-ab

पिछले दस-बारह सालों में हिन्दू फासीवादियों ने इस अनौपचारिक आपातकाल की शैली को काफी विकसित किया है। कहां किस छेद का इस्तेमाल करना है, इसमें उन्होंने महारत हासिल की है। इनके इस कृत्य में न्यायपालिका की सहभागिता से यह काम और आसान हो गया है। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनर्रीक्षण इस सबका विशिष्ट उदाहरण है।

/piketi-ka-global-justice-project-samraajyavad-ki-pairokari

जैसा कि इंटरव्यू के शीर्षक से स्पष्ट है कि पिकेटी एक ऐसी दुनिया का ख्वाब परोसते हैं जिसमें बगैर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाये ज्यादातर लोग खुशहाल बन सकते हैं। इस सुन्दर दुनिया को हासिल करने के लिए वे किसी वर्ग संघर्ष बढ़ाने या क्रांति की वकालत नहीं करते। बल्कि वे कुछ नुस्खे सुझाते हैं जिस पर चल कर मौजूदा पूंजीवादी-साम्राज्यवादी दुनिया को ही खुशनुमा बनाया जा सकता है। 

/amerika-dwaara-iran-par-naya-hamala-isake-doorgami-result

अमरीकी साम्राज्यवादी वर्चस्व को बढ़ाने में पश्चिम एशिया में दृढ़ स्तम्भ इजरायल रहा है। 1979 से पहले ईरान का शासक शाह रजा पहलवी  भी इस क्षेत्र में अमरीका का लठैत रहा है। 1979 में रजा पहलवी का तख्ता उलटने के बाद जो इस्लामी सत्ता आयी, वह लगातार अमरीकी साम्राज्यवाद की वर्चस्ववादी नीतियों का विरोध करती रही थी। यह सत्ता इजरायल द्वारा फिलिस्तीनियों को उजाड़े जाने और उनकी जमीनों पर यहूदी बस्तियां बसाने का विरोध करती रही है।