अंकिता भण्डारी केस की सी बी आई जांच की मांग तेज

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अंकिता भण्डारी केस में एक बार फिर से उबाल आ चुका है। भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर द्वारा केस में वी आई पी के बतौर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम का नाम सामने ला दिया। साथ ही उन्होंने यमकेश्वर की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ के भी मामले में शामिल होने का आरोप लगाया। इस संदर्भ में उर्मिला ने एक फोन बातचीत का आडियो भी जारी किया। 
    
उर्मिला सनावर के खुलासे के बाद जहां एक ओर जनपक्षधर-क्रांतिकारी संगठन-विपक्षी पार्टी कांग्रेस व उत्तराखण्ड के आम जन केस की नये सिरे से सीबीआई जांच की मांग के साथ सड़कों पर उतर पड़े। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार, भाजपा नेतागण व स्वयं आरोपी दुष्यंत कुमार व आरती गौड़ उर्मिला के आरोपों को नकारने-झूठा साबित करने में जुट गये। 
    
दुष्यंत कुमार ने तो पद से इस्तीफा देने के बजाय उर्मिला के आरोप प्रसारित करने वाले फेसबुक पेजों-यू ट्यूब चैनलों पर भी कार्यवाही की मांग कर डाली। उर्मिला के ऊपर एक के बाद एक मुकदमे दर्ज होने लगे। 
    
राज्य सरकार निर्लज्जता के साथ दुष्यंत कुमार को बचाने में जुटी रही। उसने अभी तक नये सिरे से जांच की भी मांग स्वीकार नहीं की। सीबीआई जांच की संस्तुति करना दूर की बात है। 
    
19 वर्षीया अंकिता पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनतारा रिजार्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। सितम्बर 22 में उसकी हत्या कर दी गयी थी। उसकी लाश एक सप्ताह बाद चीला शक्ति नहर से प्राप्त हुई थी। बाद में जांच में सामने आया कि रिजार्ट मालिक पुलकित आर्या व अंकित गुप्ता-सौरभ भास्कर ने उस पर एक वीआईपी को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव बनाया था जिससे इंकार पर तीनों ने उसकी हत्या कर लाश नहर में फेंक दी थी। अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी थी। 
    
अब जब वीआईपी के नाम सामने आ गये हैं तो सहज ही यह मांग बनती है कि उस वीआईपी पर भी कानूनी कार्यवाही की जाये। भाजपा नेता को जांच के दायरे में लाया जाये। इसीलिए इस केस की सीबीआई जांच की जानी जरूरी है। 
    
उत्तराखण्ड में अंकिता के 3 हत्याररों को सजा दिलाने में जनता के संघर्ष की बड़ी भूमिका थी। अब वीआईपी की जांच की लड़ाई कहीं कठिन है क्योंकि वो कद्दावर भाजपा नेता है। देखना है कि उत्तराखंड की न्याय प्रिय जनता, छात्र-युवा अंकिता को पूरा न्याय दिलाने की लड़ाई में भाजपा सरकार को झुका पाते हैं या नहीं। उत्तराखण्ड के लोगों ने राज्य आंदोलन से लेकर ढेरों जन संघर्ष में सरकारों को झुकाया है। 
    
एक बार फिर वक्त की मांग है कि अत्याचारी डबल इंजन की भाजपा सरकारों के खिलाफ सड़कों पर उतरा जाये। सीबीआई जांच की मांग की जाये। वीआईपी को सजा दिलाकर ही दम लिया जाये। भाजपा के नेताओं से उत्तराखण्ड की बेटियों को बचाया जाये। आज एक अंकिता शिकार हुई है कल इन दुष्टों से हजारों लड़कियों की सुरक्षा इसी तरीके से सुनिश्चित होगी। 

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