गुड़गांव, फरीदाबाद, हरिद्वार और पंतनगर में इंकलाबी मज़दूर केंद्र के शहर-इलाकाई सम्मेलन संपन्न

14 सितम्बर को गुड़गांव, फरीदाबाद, हरिद्वार और पंतनगर में इंकलाबी मज़दूर केंद्र के शहर-इलाकाई सम्मेलन संपन्न हुये। अब 18 सितम्बर को बरेली व 21 सितम्बर को रुद्रपुर में शहर सम्मेलन होगा; तदुपरान्त 4-5 अक्टूबर को हरिद्वार (उत्तराखंड) में संगठन का सातवां केंद्रीय सम्मेलन होगा।

इन शहर-इलाकाई सम्मेलनों की शुरुआत लाल झंडा फहराकर एवं "लाल लाल झंडा है, जान से भी प्यारा है" क्रांतिकारी गीत के साथ की गई। तदुपरान्त सभी जगह अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय परिस्थितियों पर राजनीतिक रिपोर्ट एवं पिछले तीन वर्ष के कामों का लेखा-जोखा लेते हुये सांगठनिक रिपोर्ट पारित की गई; शहर-इलाकाई कमेटियों का चुनाव संपन्न हुआ एवं गाज़ा में जारी नरसंहार के विरुद्ध प्रस्ताव पारित किया गया। गुड़गांव और फरीदाबाद में जियनवादी इजराइल और अमेरिकी साम्राज्यवाद के विरुद्ध प्रदर्शन कर हत्यारे नेतन्याहु का पुतला दहन भी किया गया।

उक्त सम्मेलनों में अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय परिस्थितियों पर प्रस्तुत राजनीतिक रिपोर्ट पर चर्चा हुई कि आज साम्राज्यवादी-पूंजीवादी शासक वैश्विक आर्थिक संकट का सारा बोझ मजदूर-मेहनतकश जनता के ऊपर डाल रहे हैं और उदारीकरण-निजीकरण की लुटेरी नीतियों को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। इसके विरुद्ध अमेरिका, यूरोप से लेकर लैटिन अमेरिका और एशिया सभी जगहों पर जनता का आक्रोश सड़कों पर फूट रहा है। विगत वर्षों दक्षिण एशिया के श्रीलंका, बांग्लादेश के बाद अब नेपाल में तो युवाओं और मज़दूर-मेहनतकश जनता ने पूंजीवादी शासकों के विरुद्ध विद्रोह कर सरकारें ही पलट दी; हालांकि संगठित क्रांतिकारी नेतृत्व की अनुपस्थिति में ये विद्रोह पूंजीवादी व्यवस्था की चौहद्दी को नहीं लांघ पाये। दुनिया में सभी जगह जन आक्रोश से भयभीत पूंजीपति वर्ग फ़ासीवादी ताकतों को आगे बढ़ा रहा है। भारत में एकाधिकारी पूंजीपतियों के आशीर्वाद से पिछले 11 वर्षों से हिंदू फ़ासीवादी ताकतें केंद्र की सत्ता पर काबिज हैं और आज भारतीय समाज पर फ़ासीवादी बर्बरता का खतरा आसन्न है।

इसके अलावा सांगठनिक रिपोर्ट में मज़दूरों को बतौर वर्ग संगठित करने और एक क्रांतिकारी ट्रेड यूनियन सेंटर के रूप में संगठन के विकास की चुनौतियों पर व्यापक चर्चा हुई।

अंत में खुले सत्र में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के सम्बोधन, क्रांतिकारी गीतों व नारों एवं 4-5 अक्टूबर को केंद्रीय सम्मेलन में बढ़ चढ़कर भागीदारी के आह्वान के साथ गुड़गांव, फरीदाबाद, हरिद्वार एवं पंतनगर के शहर-इलाकाई सम्मेलन संपन्न हुये।

4-5 अक्टूबर को हरिद्वार में आयोजित सातवें केंद्रीय सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मऊ, बलिया और बरेली, उत्तराखंड के लालकुआं, पंतनगर, रुद्रपुर, काशीपुर, रामनगर और हरिद्वार, हरियाणा के गुड़गांव और फरीदाबाद एवं दिल्ली से प्रतिनिधि भागीदारी करेंगे। 5 अक्टूबर को दोपहर दो बजे से आयोजित खुले सत्र को विभिन्न मज़दूर व सामाजिक संगठनों एवं ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि सम्बोधित करेंगे।

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