दिल्ली में डी टी सी बस ड्राइवरों की हड़ताल
दिल्ली में 15 सितम्बर से डी टी सी के ठेके के हजारों बस ड्राइवरों ने हड़ताल शुरू की। ये ड्राइवर अपने वेतन में वृद्धि, ई एस आई जैसी मांगों के लिए हड़ताल पर उतरे। ये ड्राइवर द
दिल्ली में 15 सितम्बर से डी टी सी के ठेके के हजारों बस ड्राइवरों ने हड़ताल शुरू की। ये ड्राइवर अपने वेतन में वृद्धि, ई एस आई जैसी मांगों के लिए हड़ताल पर उतरे। ये ड्राइवर द
दिल्ली/ 7 सितंबर को जब दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में एक इमारत के गिरने से मारे गए छात्रों को न्याय दिलाने और दिल्ली सरकार व द
हल्द्वानी/ राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी के एमबीबीएस इंटर्न और पीजी डाक्टरों का कार्य बहिष्कार 7 सितम्बर से चल रहा है। इंटर्न की मांग स्टाइपेंड 17,000 रु
हरियाणा में बीते लगभग डेढ़ माह से सफाईकर्मियों का जुझारू संघर्ष चल रहा है। इस संघर्ष में कभी चढ़ाव कभी उतार आता रहा है। पर सफाईकर्मियों खासकर महिला सफाईकर्मियों के जोश-उत्स
सूरत के टैक्सटाइल व कढ़ाई मजदूर अगस्त माह में सड़कों पर उतरे थे। वे प्रमुखता से रविवार अवकाष, 8 घंटे का काम व ओवरटाइम के दोगुने भुगतान की मांग कर रहे थे। तब एक ओर प्रशासन न
रामनगर/ रामनगर के सरकारी अस्पताल की खस्ता हालत पर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों द्वारा 24 अगस्त को अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन किय
हरिद्वार/ उत्तराखण्ड के किसान संगठनों ने अपनी विभिन्न न्यायपूर्ण मांगों के लिए बीते दिनों 3 दिवसीय जिला मुख्यालयों पर धरने का आह्वान किया। इसी कड़ी में उत
पिछले दिनों हरियाणा में मजदूर आंदोलन के दबाव में अप्रैल 2026 में हरियाणा सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ाया। जिसके बाद से ही हरियाणा के तमाम कंपनी मालिक पागलों की तरह मजदूरों को
रुद्रपुर/ ऐरा श्रमिक संगठन 2016 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत है और कम्पनी का मसला दिल्ली एनसीएलटी कोर्ट से रुद्रपुर श्रम भवन पर आकर टिका हुआ है।
बुंदेलखण्ड के आदिवासी केन व बेतवा नदी को जोड़ने वाली परियोजना के खिलाफ संघर्षरत हैं। इस परियोजना के तहत बनने वाले दैढ़न बांध में इन आदिवासियों का समूचा रिहाईश क्षेत्र डूब ज
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।