अखबारों के मजदूर दुर्दशा के घड़ियाली आंसू
व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह कितना ही शक्तिशाली हो समाज विकास की धारा को अवरुद्ध नहीं कर पाता। हो सकता है अविचल धारा में व्यवधान डालने के लिए वह धरती पर खून की धारा बहाकर शांति महसूस कर ले पर द्वन
व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह कितना ही शक्तिशाली हो समाज विकास की धारा को अवरुद्ध नहीं कर पाता। हो सकता है अविचल धारा में व्यवधान डालने के लिए वह धरती पर खून की धारा बहाकर शांति महसूस कर ले पर द्वन
मानव समाज में संवेदनाओं का अपना अलग दर्जा है। स्तनधारी जीवों में, खुद को बाकी जीवों से अलग करने के बाद मनुष्य की संवेदनाओं ने ज्यादा आकार ग्रहण करना शुरू किया होगा। भोजन
लानत है
लानत है तुम्हारी जीत पर
लानत है तुम्हारे जश्न पर
कहते हो कि
तुम्हें जनता ने चुना है
मगर यही जनता पलटकर
जब सवाल करती है
अकसर कनेक्टिविटी की बहुत बात होती रहती है। बड़े-बड़े शहरों को जोड़ने के लिए कभी हाइवे तो कभी एक्सप्रेस वे भी बन रहे हैं। कभी बम्बई से पूना के बीच की दूरी घट रही
केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महाकुंभ मेले का जोर शोर से प्रचार जारी है।
प्रेम और आस्था के बीच एक फर्क है। प्रेम को मनुष्य जीवित रहते हुए प्राप्त करना चाहता है और ईश्वर को आयु पूरी करने के बाद। ईश्वर पर विश्वास करना एक सामान्य सी बात है, लेकिन
दिल्ली में विधानसभा चुनाव 5 फरवरी को होने वाले हैं। 8 फरवरी को चुनाव नतीजे सामने आएंगे।
मैं वक्त हूं, सदैव गतिमान हूं
भूत, भविष्य और वर्तमान हूं,
मैं तब भी मौजूद था
जब धरती पर तुम्हारा वजूद नहीं था
और तब भी रहूंगा जब तुम
नेस्तनाबूद हो जाओगे।
किसी मनुष्य के जीवन में कोई इंसान कब जगह बना ले इसके बहुत से कारण होते हैं। वो इंसान आपकी पत्नी हो सकती है, कोई महिला मित्र हो सकती है। कोई हमउम्र दोस्त, रिश्ते का भाई, क
भोजनमाता यूनियन का पहला सम्मेलन हरिद्वार में 2-3, जनवरी को सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में उत्तराखंड के अलग-अलग जगह जैसे रामनगर, हल्द्वानी, हरिद्वार, गौला पार, गरमपानी और अन्य प
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।