रिपोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से दुखी और हैरान बनभूलपुरा

हल्द्वानी/ 24 फरवरी 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जयमाला बाघची की पीठ ने बनभूलपुरा प्रकरण में अंतरिम आदेश दिया। इस अंतरिम आद

प्रगतिशील रसोइया यूनियन ने मांगें उठायीं

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बदायूं/ उत्तर प्रदेश की बदायूं तहसील के परिषदीय स्कूलों में मिड डे मील बनाने का ठेका एन जी ओ को दिए जाने के विरोध में और अन्य मांगों को लेकर प्रगतिशील रस

अपने घर-जमीन बचाने को संघर्षरत बिन्दुखत्तावासी

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लालकुंआ/ 18 फरवरी को बिंदुखत्ता में विशाल जन रैली निकाली गई, जिसमें 10,000 से भी ज्यादा लोगों ने भागीदारी की। यह प्रदर्शन अपनी जमीनों को, अपने घरों को बचाने के उद्देश्य से बिन्दुखत

नये लेबर कोड्स का भारी विरोध : भोजनमाताओं ने भी भरी हुंकार

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मजदूर विरोधी 4 नये लेबर कोड्स के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियन फेडरेशनों द्वारा 12 फरवरी को आहूत देशव्यापी आम हड़ताल में मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) से जुड़े घटक सं

शेखर टेक्नॉलाजी एलएलपी, शेखर इंटरनेशनल कंपनी की सामान्य तस्वीर

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शेखर टेक्नॉलाजी, शेखर इंटरनेशनल कंपनी फरीदाबाद के एफआईटी सेक्टर-57, प्लाट नंबर- बी10 और बी9 में स्थित है। कंपनी वजन के आधार पर भरने वाली और स्वचालित पाउच पैकिंग मशीन, पैक

कोटद्वार में बजरंग दल की गुंडागर्दी के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन

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26 जनवरी को जब सरकार गणतंत्र दिवस मना रही थी, उसी दिन उत्तराखंड के कोटद्वार इलाके में हिंदू धर्म के संस्थापक बजरंग दल के फासीवादी लंपट गुंडों ने 70 साल के बुजुर्ग बुजुर्ग

नये लेबर कोड्स के विरुद्ध सेमिनारों का आयोजन

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इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा 26 जनवरीः गणतंत्र दिवस के अवसर पर नये लेबर कोड्स पर दिल्ली-एनसीआर, गढ़वाल (हरिद्वार), कुमाऊं (काशीपुर) उत्तर प्रदेश (बरेली) एवं पूर्वांचल (मऊ-ब

छुट्टा पशुओं के उत्पात से छुटकारा दिलाने की मांग

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बदायूं/ दिनांक 29 जनवरी 2026 को जनहित सत्याग्रह मोर्चा और क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयुक्त तत्वाधान में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकार

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।