साम्राज्यवाद

गाजा पर यूरोप के देशों का पाखंड और अमेरिकी निर्लज्जता

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गाजा में जारी नरसंहार पर यूरोप के देशों में हो रहे प्रदर्शनों के दबाव में इन देशों की सरकारें भले ही इसराइल का विरोध करने पर मज़बूर हो रही हैं। भले ही, ये फिलिस्तीन को स्व

लेबनान : साम्राज्यवादी-जियनवादी साजिश का शिकार

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अमरीकी साम्राज्यवादियों ने लेबनान की सरकार के सामने प्रस्ताव रखा है कि वह हिजबुल्ला के हथियारों को छीन ले या उन्हें नष्ट कर दे। अमरीका के लेबनान में राजदूत के इस प्रस्ताव

गाजा पर कब्जे के विरोध में उतरी दुनिया

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इजरायल का युद्धोन्मादी, भ्रष्ट व क्रूर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अब पूरी गाजा पट्टी पर कब्जा करना चाहता है। गाजा शहर पर कब्जा करने के लिए उसने इजरायली कैबिनेट की दस

अफ्रीका में मुंह की खाते फ्रांसीसी साम्राज्यवादी

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जुलाई माह में एक महत्वपूर्ण राजनैतिक घटनाक्रम में सेनेगल से फ्रांसीसी साम्राज्यवादियों को अपनी सेना को हटाना पड़ा। पिछले तीन वर्षों में सेनेगल सातवां देश है, जहां से फ्रां

फिलिस्तीन और यूरोपीय साम्राज्यवादियों के नापाक इरादे

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बीते दिनों फिलिस्तीन के मसले पर फ्रांसीसी व ब्रिटिश साम्राज्यवादियों के सुर बदले से नजर आने लगे हैं। पहले फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रां ने घोषणा की कि फ्रांस सितम्बर में फ

गाजा में भुखमरी : मानवता के खिलाफ क्रूर अमानवीय हमला

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इजरायली जियनवादी शासकों का गाजा में नरसंहार जारी है। अभी इसका प्रमुख रूप गाजा में मानवीय सहायता पर रोक लगा भुखमरी के हालात पैदा करना बना हुआ है। नन्हे मासूम बच्चे भोजन के

जब टेक्सास में पानी का स्तर बढ़ रहा था, एक अपरिहार्य आवाज खामोश की जा चुकी थी

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जब एक पत्रकार ने पूछा कि 4 जुलाई को पानी के स्तर के अपने मारक शिखर पर पहुंचने से पहले गुआडलूपे नदी के किनारे के समर कैंप के बच्चों को सुरक्षित स्थानों तक क्यों नहीं पहुंच

यूक्रेन-रूस युद्ध पर ट्रम्प का पलटना

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अमेरिकी चुनाव में रूस-यूक्रेन युद्ध बेहद कम समय में रुकवाने का वादा करने वाले ट्रम्प अब अपने वायदे से पलटी मारते नजर आ रहे हैं। चुनाव के वक्त ट्रम्प ने पुतिन की तारीफ करत

ट्रम्प मांगे नोबेल पुरूस्कार!

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‘‘ मुझे नोबेल प्राइज दो!’ ‘मुझे नोबेल प्राइज दो!’’ की गुहार आजकल ट्रम्प रोज लगा रहा है। जैसा ट्रम्प है वैसे ही उसके लिए ‘‘शांति का नोबेल पुरूस्कार की मांग करने वाले हैं।

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।