आपदा राहत मंच द्वारा पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल कैम्प की शुरुवात

पंजाब के अमृतसर जिले में जसराऊर क्षेत्र में लगाया मेडिकल कैम्प

आपदा राहत मंच के बैनर तले क्रालोस, इमके, प्रोग्रेसिव मेडिकोज फोरम, पछास, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र और नागरिक पाक्षिक अखबार की ओर से 23 सितंबर को मेडिकल कैंप की शुरुवात की गई।

मेडिकल कैंप में डॉ अजीत, डॉ व्यास मुनि और विवेकानंद शामिल हैं जबकि सहयोगी नरभिंदर (पंजाब) और लालू (बलिया) शामिल हैं।

अमृतसर से लगभग 40 किमी दूर राबी नदी के निकट स्थित लगभग 40 गांवों के केंद्र में यह मेडिकल कैंप लगाया गया है। रावी नदी में आई बाढ़ से यह इलाका काफी प्रभावित है। पहाड़ों में बारिश कम होने और यहां कई दिन से बारिश नहीं होने के चलते अब पानी इस इलाके से निकल गया है। मगर बर्बादी के निशान छोड़ गया है।

मेडिकल कैंप के आयोजन की गुरुद्वारा से घोषणा करवाने के बाद औपचारिक तौर पर मेडिकल कैंप 12 बजे से शुरू हुआ। मेडिकल कैम्प में आने वाले मरीजों में महिलाओं और बच्चों की संख्या ज्यादा है।

आलेख

/janavad-ka-sawal-aur-majdoor-varg

मजदूर के पास पूंजी नहीं होती इसीलिए पूंजीवाद में उसकी कोई हैसियत नहीं होती। इतना ही नहीं, वह जिन्दा रहने के लिए पूंजीपति पर निर्भर होता है। वह पूंजीपति के लिए काम करता है और जिन्दा रहता है। इसके लिए वह पूंजीपति से जिन संबंधों में बंधता है वे उसे पूंजीपति का गुलाम बना देती हैं। इसीलिए मजदूर को उजरती गुलाम यानी मजदूरी करने वाला गुलाम कहा जाता है। स्वाभाविक है कि समाज में गुलाम व गुलाम मालिक की राजनीतिक-सामाजिक हैसियत एक नहीं हो सकती।

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।