हिन्दू फासीवाद

हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ विवाद: भोजन के नाम पर राजनीति

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हाल के दिनों में हरिद्वार में कुछ दक्षिणपंथी और धार्मिक संगठनों (अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद, परशुराम अखाड़ा आदि) ने ‘वेज बिरयानी’ नाम के खिलाफ अभियान चलाया है। दुकानों और ठेल

एक तीर जो ठीक निशाने पर लगा

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‘काॅकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) ने बहुुत तीखी आलोचना की है। अपने मुखपत्र आर्गनाइजर में ‘काॅकरोच सिंड्रोम: भारत विरोधी तकनीकी संशयवाद

भारतीय दूल्हा और सर्वोच्च न्यायालय

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हमारा देश एक अनोखा देश है। इसकी हर चीज अनोखी है। यहां तक कि हमारे देश का अनोखापन हर जगह विराजमान है। हमारे देश के प्रधानमंत्री अनोखे हैं। हमारी संसद अनोखी है। और हमारे दे

खेल और खेला

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पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बताया गया कि पश्चिम बंगाल में भारत के राष्ट्रपति का अपमान किया गया। उन्होंने तल्ख शब्दों में राष्ट्रपति के कथित अपमान की निन्दा की। प

हिटलर के वारिस

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ऐसा लगता है कि भाजपा के नेताओं को हिरासत शिविरों से ‘अति प्रेम’ है। कभी असम का मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हिरासत शिविरों की  बात करता है तो कभी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ।

अजब-गजब धर्मनिरपेक्षता

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25 नवम्बर को दो घटनाएं घटीं। दोनों घटनाओं का धर्म से सम्बन्ध है। दोनों घटनाओं से संबंधित व्यक्ति अपने-अपने धर्म पर विश्वास करते हैं और अपने धार्मिक विश्वास के साथ आचरण कर

मजदूर हो रहे बेकार : लफ्फाजी और सिर्फ लफ्फाजी करती सरकार

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ट्रम्प के 50 प्रतिशत टैरिफ 27 अगस्त से भारत में लागू हो गये। टैरिफ लागू होने से पहले ही इसका असर मजदूर वर्ग पर पड़ता दिखने लगा था। तिरुपुर, नोएडा, सूरत के कपड़ा और परिधान न

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन

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लगभग 2 वर्ष तक मणिपुर को जातीय हिंसा की आग में धकेलने के बाद अंततः राज्य के संघी मुखिया बीरेन सिंह को इस्तीफा देना पड़ा और केन्द्र सरकार को न चाहते हुए भी राज्य में राष्ट्

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।