उन्नीस सौ पच्चीस
उन्नीस सौ पच्चीस में सिर्फ ऐसी घटनाएं व ऐसे संगठन ही जन्म नहीं ले रहे थे जो भारत के भविष्य की दिशा तय रहे थे बल्कि ऐसे व्यक्ति भी जन्म ले रहे थे जिन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपना व्यापक अच्छा-बुरा प्रभाव छोड़ा। 9 जुलाई को एक बड़े फिल्म अभिनेता-निर्देशक गुरूदत्त का जन्म हुआ जिनकी बनाई फिल्में विश्व क्लासिक में शामिल हो गईं। 15 जुलाई को एक बड़े नाट्यकर्मी बादल सागर का जन्म हुआ तो 7 अगस्त को एम.एस.स्वामीनाथन नाम के पूंजीवादी कृषि वैज्ञानिक का जन्म हुआ। ऐसे अनेकोनेक व्यक्तियों की चर्चा की जा सकती है। ये व्यक्ति अपने युग की पैदाइश थे और ये आज के भारत की तस्वीर के एक हिस्से हैं।