युद्ध

युद्ध-अर्थव्यवस्था और जनता

/war-economy-and-people

पहले से ही 4 वर्ष से रूस-यूक्रेन युद्ध की मार झेल रही विश्व अर्थव्यवस्था अब ईरान युद्ध के साथ नये खतरों का सामना कर रही है। ईरान युद्ध का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव अ

पाक-अफगान टकराव

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हाल ही में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच लम्बे समय से जारी टकराव के खुले युद्ध के स्तर पर पहुंचने की घोषणा कर दी। 22 फरवरी से दोनों देशों की ओर

युद्ध के सौदागर जमकर काट रहे चांदी -अशोक स्वैन

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जून 2025 में, उप्पसला कॉन्फ्लिक्ट डेटा प्रोग्राम (यूसीडीपी) ने जानकारी दी कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद जबसे इसने डेटा संग्रह शुरू किया, तब से देश-आधारित संघर्षों की संख्या

हम युद्ध से बच गए, हम युद्ध विराम से नहीं बच सकते -सारा अवाद

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पिछले रविवार को, मैं मध्य गाजा पट्टी के अल-जावेदा में अपने परिवार के तंबू से बाहर निकला और पास के ट्विक्स कैफे की ओर चल पड़ा, जो फ्रीलांसरों और छात्रों के लिए एक सह-कार्य

शांतिदूत भेड़िए और गाजा

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मिश्र के शर्म अल शेख में गाजा में कथित युद्धविराम को लेकर सम्मेलन निपट चुका है। तकरीबन 20 से ज्यादा देशों के लंपट हुक्मरान इसमें शामिल रहे हैं। जिनके बीच संघर्ष था वही इस

पश्चिम एशिया में इजरायली युद्ध का विस्तार और वैश्विक भू राजनीति

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इजरायल द्वारा कतर पर हमले की निंदा दुनिया भर में व्यापक पैमाने पर हुई। इजरायल दुनिया के पैमाने पर अलग-थलग पड़ गया। इसके साथ ही जिन देशों ने अब्राहम समझौता इजरायल के साथ किया था, वह अब कमजोर पड़ने लगा है। इजरायल के साथ साउदी अरब और अन्य अरब देशों की रिश्तों के सामान्यीकरण की प्रक्रिया बाधित हुई।

दुनिया भर में हत्यारे इजरायल का बढ़ता विरोध

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इजरायली शासकों द्वारा फिलिस्तीन में किये जा रहे नरसंहार का विरोध दुनिया भर में बढ़ता जा रहा है। पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के सम

गाजा पर यूरोप के देशों का पाखंड और अमेरिकी निर्लज्जता

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गाजा में जारी नरसंहार पर यूरोप के देशों में हो रहे प्रदर्शनों के दबाव में इन देशों की सरकारें भले ही इसराइल का विरोध करने पर मज़बूर हो रही हैं। भले ही, ये फिलिस्तीन को स्व

यूक्रेन-रूस युद्ध पर ट्रम्प का पलटना

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अमेरिकी चुनाव में रूस-यूक्रेन युद्ध बेहद कम समय में रुकवाने का वादा करने वाले ट्रम्प अब अपने वायदे से पलटी मारते नजर आ रहे हैं। चुनाव के वक्त ट्रम्प ने पुतिन की तारीफ करत

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।