अनिश्चितता के दौर से गुजरती सेन्चुरी पेपर मिल

लालकुंआ/ वैसे तो अनिश्चितता पूंजीवादी एवं साम्राज्यवादी समाजों में लगातार बनी रहती है। निश्चितता केवल इस बात में निहित है कि संकटग्रस्तता की ओर बढ़ता समाज एवं बढ़ता जाता मालिकों का मुनाफा। यह अनिश्चितता एवं निश्चितता का खेल बदस्तूर जारी रहता है। 
    
आखिर इस दौर में सेन्चुरी मिल कैसे अछूती रहती। अनिश्चितता के नये दौर की शुरूआत वर्ष 2022 की (कलैण्डर वर्ष ना कि वित्तीय) पहली तिमाही से शुरू होती है तब सेन्चुरी पल्प एण्ड पेपर मिल जो सेन्चुरी टेक्सटाइल एण्ड इण्डस्ट्रीज लिमिटेड (Century Textiles and Industries Limited) का एक प्रभाग है, के मालिकाने समूह द्वारा निवर्तमान मिल के मुख्य संचालन अधिकारी (Chief Executive Officer) जे.पी. नारायण पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें उनके पद से निष्कासित कर दिया जाता है। तत्पश्चात मिल के नये मुख्य संचालन अधिकारी के रूप में विजय कौल को नियुक्त किया जाता है। 
    
नये प्रबंधक वर्ग का वर्ष 2022 में सामान्य कामों से इतर एक नया काम होता है कि सेन्चुरी टेक्सटाइल एवं इण्डस्ट्रीज लिमिटेड के 125 वर्ष पूर्ण होने पर नवम्बर 2022 में स्टाफ एवं मिल में कार्यरत स्थायी कर्मचारियों को उपहार के रूप में एक कलाई की घड़़ी (Hand Watch/Wrist Watch) वितरित की जाती है। इस उपहार को पाने में सेन्चुरी मिल में कार्यरत लगभग 7000 अस्थायी श्रमिक (जिसमें कुशल एवं अकुशल दोनों) वंचित रह जाते हैं एवं इनका प्रतिनिधित्व करती छः श्रम संगठन (शेष दो संगठन के पदाधिकारियों की बर्खास्तगी की स्थिति में यूनियन का कामकाज समाप्त) मूक दर्शक की स्थिति अपनाये हुए थीं। 
    
वर्ष 2023-2024 के वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के शुरूआत से ही प्रबंधक वर्ग कुछ बुनियादी बदलाव करता है। बदलाव निम्नवत् हैं-

1. कारखाने में कार्यरत विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों (मेंटीनेंस, इलेक्ट्रीकल एवं इन्स्ट्रूमेंट विभाग) में A, B एवं C शिफ्ट के स्थायी श्रमिकों को अपने-अपने विभाग में जनरल शिफ्ट में (सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे) आना होगा। 
2. जनरल शिफ्ट का समय सारणी बदलना जो पहले सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे थी अब साढे आठ बजे से साढ़े पांच बजे हो गयी। लंच ब्रेक दोपहर 12 बजे से 1 बजे का था। अब साढ़े बारह से डेढ़ बजे हो गया। 
3. कारखाना परिसर में स्मार्टफोन लाना प्रतिबंधित एवं बेसिक मोबाइल फोन (की-पैड मोबाइल फोन) लाने हेतु फिलहाल शिथिलता।
4. सभी श्रमिकों को मिलने वाला 1 घण्टे का व्यक्तिगत कार्य के लिए गेट पास बंद। 
    
संस्थान की यूनियनों ने प्रबंधक वर्ग की इन कार्यवाहियों को अनौपचारिक रूप से तुगलकी फरमान तो बताया लेकिन इन फैसलों की प्रबंधक वर्ग के सामने सकारात्मक आलोचना से बचती भी रहीं। 
    
उपरोक्त फैसले में निम्न सवालों के जवाब प्रबंधक वर्ग द्वारा नहीं दिये गये। 

1. स्मार्टफोन का इस्तेमाल तो परिसर में प्रतिबंधित कर दिया गया, लेकिन स्मार्टफोन पर व्हाट्सएप पर बने ग्रुपों (मसलन- सेफ्टी, डिपार्टमेन्ट, सुझाव आदि सम्बन्धित) पर निराकरण होने वाली समस्याओं का कोई मंच प्रबंधक वर्ग या यूनियन द्वारा नहीं सुझाया गया। 
2. बदली हुयी जनरल शिफ्ट की समय सारिणी में साढ़े पांच बजे के बाद और सुबह साढ़े आठ बजे के बीच होने वाले स्थायी श्रमिकों के काम को अस्थायी श्रमिकों से लिया जाने लगा है जो स्थायी प्रवृत्ति के काम पर स्थायी श्रमिक से काम लिये जाने के नियम या स्टैण्डिंग आर्डर अधिनियम के विरुद्ध भी है। 
3. जिन अस्थाई श्रमिकों से स्थायी श्रमिकों का काम लिया जा रहा है उनको अभी भी अनियमित मजदूर (Contractual Labour) के अकुशल श्रमिक का वेतन दिया जा रहा है।
    
प्रबंधक वर्ग द्वारा कुछ कार्य ऐसे भी रहे जो सेन्चुरी मिल के इतिहास में पहली दफा हुए हैं-

1. 21 जुलाई 23 को सभी कर्मचारियों (स्टाफ एवं श्रमिक) के लिए कालोनी परिसर में एक मीटिंग आहूत की गयी जिसमें मिल के मुख्य संचालन अधिकारी विजय कौल द्वारा कर्मचारियों को मिल की आगामी योजनाओं के बारे में सम्बोधित किया गया। 
2. प्रबंधक ने मिल के (Working Culture) कार्य करने की संस्कृति को बेहतर बनाने के लिए एक नया प्रयोग किया है जिसे विश्व स्तरीय विनिर्माण कार्प (WCM- World Class Manufacturing) का गठन कहा जा रहा है। 
    
इस कार्य के लिए सभी प्लांटों में डिपार्टमेन्ट स्तर पर सामान्य कार्य (Routine Work) से इतर सभी डिपार्टमेण्ट के कर्मचारियों का (Staff, Workmen, Contractual Labours) का मंच बनाया गया है जिसमें चयनित जगहों की जिम्मेदारी इस टीम के सभी सदस्यों की होगी। 
    
WCM कार्य के मुख्य बिन्दु 5जी, ब्रेकडाउन, सुझाव, सुरक्षा, ग्राहक/शिकायत आदि हैं। 
    
बेहतर कार्य करने वाली टीम को उपहार राशि एवं कम्पनी से बाहर किसी विशेष जगह पर छुट्टी मनाने का प्रावधान भी रखा गया है।
3. कारखाने के सम्पूर्ण विकास के लिए प्रबंधक वर्ग किसी विशेष औद्योगिक प्रशिक्षक द्वारा तीन दिवसीय (Integreted Development Programme) एकीकृत विकास कार्यक्रम का आयोजन चला रहा है जिसमें तीसरे दिन कर्मचारी के जीवन साथी की भी भागीदारी करानी है। 
4. प्रत्येक वर्ष पारम्परिक रूप से सभी श्रमिकों को स्वतंत्रता दिवस- 15 अगस्त एवं जन्माष्टमी पर मिलने वाले मिष्ठान्न को 2023 से बंद कर दिया गया है। 
    
वर्तमान समय में दिवाली का बोनस (2023) एवं आगामी एल टी एस (LTS- Long Term Settelment) दीर्घकालिक निपटान जिसे समझौता भी कहा जाता है; अभी बाकी है। 
    
मोदी सरकार द्वारा बदली हुई चार श्रम संहिताएं अभी लागू नहीं हुई हैं। इसलिए अभी सारा दारोमदार कार्यरत श्रम संगठनों पर निर्भर करता है कि वे कितना श्रमिकों के पक्ष में बोनस (2023) एवं आगामी एल टी एस को करा ले जाती हैं। साथ ही   ठेका-अनियमित मजदूरों के पक्ष में कितना प्रबंधन को झुका पाती हैं। 
    
इसी से सेन्चुरी मिल के श्रमिकों का भविष्य तय होगा। नया प्रबंधन अपनी करतूतों से उत्पादन की मात्रा बढ़ाने व खर्च घटाने के उपाय करने में जुटा है। ऐसे में खर्च कटौती उसे मजदूरों को मिलने वाले लाभों पर हमलों की ओर ले जायेगी। श्रमिक यूनियनों को इससे सचेत रहने व संघर्ष के लिए तैयार व एकजुट होने की जरूरत है।
        -लालकुंआ संवाददाता

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।