फासीवाद
जमुई कांड मोरल पुलिसिंग का भयानक परिणाम है
19 सितम्बर को बिहार के जमुई में एक घटना घटित हुई जिसने सोशल मीडिया पर भूचाल ला दिया। यह घटना थी दसवीं में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न की। सोशल मीडिया पर खबर फै
मोदी-शाह-ज्ञानेश और एस आई आर
अभी हाल ही में एस आई आर पर इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट आने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सवालों के घेरे में आ गये। रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग के दो सदस्यों
यहां नक्सल वहां नक्सल
जब से देश के गृहमंत्री ने भारत के मध्य पूर्व में नक्सलवाद या माओवाद के सफाये की घोषणा की है तब से नक्सल शब्द हर उस जगह पहुंच गया जहां वह पहले नहीं था। ‘नक्सल’ लाल किले, भ
व्यवस्था के दरकते पहिए: बढ़ता जनाक्रोश
यह वर्ष फासीवादी निजाम कायम करने के लक्ष्य के साथ सत्तासीन मोदी सरकार के सामने एक के बाद एक चुनौती पेश कर रहा है। पहले ठेका मजदूरों के संघर्षों की लहर ने पूरे उत्तर भारत
हिंदू फासीवादी और लद्दाख
केंद्र सरकार ने लद्दाख को नया झुनझुना थमाने की कोशिश की है। काफी पहले हिंदू फासीवादियों ने जम्मू कश्मीर के विभाजन और 370 के खात्मे से पहले भी इस इलाके की जनता को ढेरों झू
यह कोई हादसा नहीं बल्कि मुनाफाखोरों द्वारा की गई हत्याएं हैं
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के एकदम नजदीक सत्यनिकेतन नाम के एक पीजी की ईमारत ढहने की घटना ने देश की बदहाल हो चुकी शिक्षा व्यवस्था को एक बार फिर उघाड़ कर रख दिया है।
गरीबी हटाओ से गरीबी छिपाओ तक
दिल्ली की भाजपा सरकार जब से सत्ता में आयी है उसका सबसे चर्चित काम ‘गरीबी हटाओ’ का रहा है। अवैध बस्तियों-कालोनियें को अतिक्रमण के नाम पर जमींदोज करने व वहां के नागरिकों को
चोंगथम विक्रम सिंह की भीड़ द्वारा हत्या
मोदी काल में भीड़ द्वारा किसी इंसान को बेवजह या मामूली बात पर पीट-पीट कर मार डालना एक परिघटना बन चुकी है। हाल ही में दिल्ली में रह रहे मणिपुर के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिं
राष्ट्रीय
आलेख
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।