लेख

सार्वजनिक/सरकारी संस्थाएंः निजीकरण और बेरोजगारी

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पिछले कुछ सालों से अक्सर ही देखने में आ रहा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते छात्रों की हताशा और निराशा उन्हें सड़कों पर उमड़ने को बाध्य कर दे रही है। इस हताशा और न

एक रुपया सालाना लीज पर जमीन

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मोदी सरकार ने अपने मित्र गौतम अडाणी को एक गिफ्ट और दे दिया है। देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में से एक गौतम अदाणी की कंपनी अदाणी पावर लिमिटेड को सरकार ने थर्मल पावर प्लांट

उत्तराखण्ड से उठी आवाज ‘पेपर चोर गद्दी छोड़’

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उत्तराखण्ड के विभिन्न इलाकों में युवा सड़कों पर संघर्षरत हैं। युवा ‘पेपर चोर गद्दी छोड़’ के नारे से उत्तराखण्ड को गुंजायमान कर धामी सरकार को घेर रहे हैं। एक के बाद एक भर्ती

पेपर लीक और उत्तराखण्ड सरकार : ना-नुकुर से नकल जिहाद तक

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एक बार फिर उत्तराखण्ड में प्रतियोगी परिक्षाओं के परीक्षार्थी छले गए। 21 सितम्बर, 2025 को हुई संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद उत्तराखण्ड स

पंजाब बाढ़ : दोषी कौन

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वैसे तो इस वर्ष अगस्त-सितम्बर माह में पंजाब, उत्तराखण्ड, हिमाचल, जम्मू और कश्मीर समेत कई राज्य आपदाओं के शिकार हुए हैं पर सबसे ज्यादा प्रभावित पंजाब हुआ है। 

नीली जींस में यूजेनिक्स के अवशेष -कल्पना पांडे

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कपड़े बेचने वाली ‘अमेरिकन ईगल’ नामक आर्थिक घाटे में चल रही कंपनी ने 23 जुलाई 2025 को गोरी त्वचा, सुनहरे बाल और नीली आंखों वाली अभिनेत्री सिडनी स्वीनी को बतौर माडल लेते हुए

अलास्का शिखर बैठक के बाद क्या?

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अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच अलास्का में बैठक हुई। बैठक के पहले अमरीकी राष्ट्रपति पत्रकारों से बात करते हुए रूसी राष्ट्रपति को चेतावनी और धमकी

इजरायल द्वारा गाजापट्टी में जारी क्रूर नरसंहार

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इजरायली यहूदी नस्लवादी बेंजामिन नेतन्याहू की हुकूमत ने नये सिरे से गाजा शहर और समूची गाजापट्टी में अपने व्यापक विनाश और नरसंहार को और ज्यादा तेज कर दिया है। इजरायली शासक

पीड़िता ही दोषी

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स्त्री विरोधी सोच किस कदर हमारे समाज में पसरी हुई है इसका एक हालिया उदाहरण गुजरात से सामने आया है। स्त्री विरोधी सोच कोई गुपचुप तरीके से जाहिर नहीं की गयी बल्कि चौराहे-सड़

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।