मजदूर

बेल्जियम : कटौती कार्यक्रम के विरोध में हड़ताल

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बेल्जियम की एरिजोना सरकार मजदूर वर्ग पर नये हमले बोल रही है। एक ओर सरकार सैन्यीकरण पर खर्च बढ़ा रही है तो दूसरी ओर मजदूरों-कर्मचारियों के पेंशन, वेतन पर हमले के साथ सार्वज

नई श्रम संहिताएं : मजदूर वर्ग पर बोला गया तीखा व क्रूर हमला

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21 नवम्बर को मोदी सरकार ने जबरदस्त इश्तिहारबाजी के साथ चार नई श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के लागू होने की घोषणा की। ये श्रम संहिताएं वर्ष 2019 व 2020 में संसद द्वारा पारित

भारतीय मजदूरों को मौत के मुंह में भेजने की तैयारी

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भारत में बेरोजगारी की भयावहता किसी से छिपी नहीं है। इस भारी बेरोजगारी पर जहां मोदी सरकार आंखें मूंदे बैठी है वहीं विकसित देश इस बेरोजगारी का फायदा उठाने की जुगत में लगे ह

लेबर चौक बनाम डिजिटल लेबर चौक

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लेबर चौक का नाम हर कोई जानता है। यह हर शहर में मिल जाएंगे। जहां मजदूर रोजगार की तलाश में आते हैं। यहां से मजदूरों को दिहाड़ी पर काम करने के लिए ले जाया जाता है और काम खत्म

मजदूरों के पास निरंतर संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं

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हरिद्वार/ किर्बी बिल्डिंग सिस्टम लिमिटेड, सिडकुल हरिद्वार के मजदूरों का संघर्ष जारी है। इस बीच 9-10 महीनों से लगातार संघर्ष में उतार-चढ़ाव आते रहे हैं। प्

न्यूजीलैण्ड में महा हड़ताल

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23 अक्टूबर को न्यूजीलैण्ड में एक महाहड़ताल का आयोजन किया गया। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के लगभग 1,10,000 लोग शामिल हुए। हड़ताली लोगों में 60 हजार शिक्षक, 30 हजार नर्सें, 5 हज

पी एफ नियमों में आशंकित करने वाले बदलाव

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने ईपीएफ में कर्मचारियों के जमा पैसों के निकासी के नियमों में कुछ ऐसे बदलाव किये हैं, जिससे करीब 7 करोड़ ईपीएफ अंशधारकों में चिंता और ब

गुजरात में 12 घंटे कार्य के प्रावधान का विधेयक पारित

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गुजरात सरकार ने दिनांक 10 सितम्बर 2025 को गुजरात विधानसभा ने कारखाना अधिनियम 1948 में संशोधन करने वाले एक विधेयक को पारित कर दिया। संशोधन किये गए विधेयक में गुजरात सरकार

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।