सीमा-अंजू और पुरुष प्रधान मीडिया
आज देश की सारी समस्यायें गरीबी, बेकारी, महंगाई खत्म हो गयी हैं। खेतों में दिन-रात मेहनत करते-घाटे की खेती करते गरीब किसान की बदहाली गायब हो गयी है। अब देश की इकलौती सर्वप
आज देश की सारी समस्यायें गरीबी, बेकारी, महंगाई खत्म हो गयी हैं। खेतों में दिन-रात मेहनत करते-घाटे की खेती करते गरीब किसान की बदहाली गायब हो गयी है। अब देश की इकलौती सर्वप
भारतीय समाज में जैसे-जैसे पूंजीवाद का विकास हुआ वैसे-वैसे आधुनिकता भी बढ़ी है। नई पीढ़ी/जनरेशन अपने पहले की पीढ़ी से दो कदम आगे है। क्योंकि आज की पीढ़ी को ढेर सारे ऐसे संसाधन
हरियाणा के जिला फरीदाबाद के लघु सचिवालय में सुबह के 8 बजे हैं। लघु सचिवालय के मेन गेट से अन्दर जाने के बाद दायीं ओर जाने पर अंत में दो खिड़कियां हैं। सिर्फ खिड़कियां हैं को
(13 अप्रैल 1978 का पंतनगर का गोलीकांड इस बात का गवाह है कि कैसे भारत के सार्वजनिक उपक्रमों में भी मजदूरों का निर्मम दमन-उत्पीड़न किया जाता था। कि आजाद भारत के शासक क्रूरता में ब्रिटिश हत्यारों से कह
मोदी सरकार अडाणी का भांडा फूटने के बाद भी अडाणी ग्रुप की कंपनियों को बचाने के लिए सरकारी कंपनियों में जमा जनता के पैसों को शेयर बाजार में लगा रही है। सरकार ने पहले अडाणी के साम्राज्य को बढ़ाने के लि
इलाहाबाद में 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल की खुलेआम हत्या के बाद बुलडोजर और एनकाउंटर एक बार फिर प्रचार और विरोध का विषय बना हुआ है। उमेश पाल, पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या मामले में मुख्य आरोपी बदमाश
फुटबाल विश्व कप 2022 का फाइनल वैसे तो दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेण्टीना की टीम जीत कर गयी लेकिन हार कर दूसरे नम्बर पर रह गयी फ्रांस की टीम व इसके खिलाड़ियों की, विशेष कर इस पूरे विश्व कप में सबसे अधिक
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।