विविध

मनीषा हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन-ज्ञापन

/maneesha-hatyakand-ke-virodha-mein-pradarshan-gyapan

हरियाणा के भिवानी के एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय प्ले स्कूल की शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त को मेडिकल कालेज (नर्सिंग) में एडमिशन की पूछताछ के बाद लापता हो जाती है। घर न पहु

मालधन में अवैध शराब के धंधे के विरुद्ध महिलायें आक्रोशित

/maaladhan-mein-avaidha-sharab-ke-dhandhe-ke-viruddha-mahilayein-aakroshit

रामनगर/ उत्तराखंड में रामनगर के मालधन में पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग की मिलीभगत से अवैध शराब का धंधा जमकर फल-फूल रहा है। इससे क्षेत्र की महिलाएं बेहद

इजरायल-अमेरिका गठजोड़ का पुतला दहन

/izarayal-amerika-gathjod-kaa-putalaa-dahan

लालकुंआ/ दिनांक 27 अगस्त को प्रगतिशील महिला एकता केंद्र  के कार्यकर्ताओं ने गाजा पट्टी पर इजरायली हमले के विरोध में इजराइल व अमेरिका के गठजोड़ का पुतला फू

15 अगस्त के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

/15-august-ke-awasar-par-vibhinna-programme-ka-ayojan

15 अगस्त, 1947 को भारत ब्रिटिश साम्राज्यवादियों से आजाद हुआ था। इस आजादी को हासिल करने के लिये देश के मजदूरों, किसानों, आदिवासियों, नौजवानों और महिलाओं ने बेमिसाल कुर्बान

शिक्षा का अधिकार और उत्तराखंड में क्लस्टर योजना पर गोष्ठी

/shikshaa-ka-adhikaar-aur-uttaraakhand-mein-cluster-yojana-par-goshthi

हल्द्वानी/ परिवर्तनकामी छात्र संगठन के आह्वान पर उत्तराखंड में क्लस्टर योजना लागू करने पर 15 अगस्त को हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में ‘‘शिक्षा का अधिकार और क

नीली जींस में यूजेनिक्स के अवशेष -कल्पना पांडे

/blue-jeans-mein-yujeniks-ke-avashesh-kalpanaa-pandey

कपड़े बेचने वाली ‘अमेरिकन ईगल’ नामक आर्थिक घाटे में चल रही कंपनी ने 23 जुलाई 2025 को गोरी त्वचा, सुनहरे बाल और नीली आंखों वाली अभिनेत्री सिडनी स्वीनी को बतौर माडल लेते हुए

छात्रों में अच्छे संस्कार

/students-mein-achchhe-sanskaar

विगत 20 अगस्त को काशीपुर, उत्तराखण्ड में कक्षा नौ के छात्र ने स्कूल में अपने शिक्षक को गोली मार दी। छात्र आए दिन शिक्षक की डांट-फटकार से आहत था। शिक्षक की शिकायत पर पुलिस

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर 2 अदालती निर्णय

/aanganawadi-karykartaaon-par-2-adaalati-decision

बीते दिनों तेलंगाना व गुजरात उच्च न्यायालय ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर दो परस्पर विरोधी निर्णय दिये। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने जहां सरकार को इन्हें नियमित करने का आदेश दि

8 घंटे कार्यदिवस को बढ़ाने में जुटी सरकारें

/8-hours-working-day-ko-badhane-mein-juti-government

काम के घंटे दिन में कितने होने चाहिए, पूंजीवादी व्यवस्था की शुरूआत से ही यह ऐसा प्रश्न रहा है जिसका पूंजीपति वर्ग एक तो मजदूर वर्ग दूसरा उत्तर देता रहा है। पूंजीपति वर्ग

नस्लीय इजरायल को एज्योर नहीं

/nasliy-izarail-ko-a zyor-nahin

माइक्रोसाफ्ट ने चार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिन्होंने कंपनी के इजरायल के साथ संबंधों को लेकर कंपनी परिसर में विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था, जिनमें से दो ऐ

आलेख

/west-asia-mein-badalata-shakti-santulan-samajhautaa-gyapan-ke-baad-ki-sthiti

अमरीकी साम्राज्यवादी और इजरायली शासक सोचते थे कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व का सफाया करने के बाद ईरानी जनता अपनी सत्ता के विरुद्ध उठ खड़ी होगी और इसका फायदा उठाते हुए अमरीकी साम्राज्यवादी अपनी किसी कठपुतली को सत्ता में स्थापित कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ईरानी अवाम अपनी सत्ता के समर्थन में मजबूती से खड़ी हो गई। यहां से अमरीकी साम्राज्यवादियों को समझ में आ गया कि वे ईरान पर कब्जा नहीं कर सकते।

/war-anay-sadhanon-se-politics-ka-hi-jaari-roop-hai

अमेरिकी साम्राज्यवादी पश्चिम एशिया में और सारी दुनिया में अपनी साम्राज्यवादी जकड़न को खत्म नहीं होने देना चाहेंगे। वे इसके खिलाफ हर संभव प्रयास करेंगे। एक हमले में मुंह की खाने के बाद वे सबक लेकर आगे हमला करने से तौबा नहीं करेंगे। यह उनकी साम्राज्यवादी फितरत के खिलाफ होगा। यानी वे ईरान पर काबू पाने के लिए दूसरे तरीकों की खोज में लग जायेंगे।

/emerjency-tab-aur-ab

पिछले दस-बारह सालों में हिन्दू फासीवादियों ने इस अनौपचारिक आपातकाल की शैली को काफी विकसित किया है। कहां किस छेद का इस्तेमाल करना है, इसमें उन्होंने महारत हासिल की है। इनके इस कृत्य में न्यायपालिका की सहभागिता से यह काम और आसान हो गया है। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनर्रीक्षण इस सबका विशिष्ट उदाहरण है।

/piketi-ka-global-justice-project-samraajyavad-ki-pairokari

जैसा कि इंटरव्यू के शीर्षक से स्पष्ट है कि पिकेटी एक ऐसी दुनिया का ख्वाब परोसते हैं जिसमें बगैर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाये ज्यादातर लोग खुशहाल बन सकते हैं। इस सुन्दर दुनिया को हासिल करने के लिए वे किसी वर्ग संघर्ष बढ़ाने या क्रांति की वकालत नहीं करते। बल्कि वे कुछ नुस्खे सुझाते हैं जिस पर चल कर मौजूदा पूंजीवादी-साम्राज्यवादी दुनिया को ही खुशनुमा बनाया जा सकता है। 

/amerika-dwaara-iran-par-naya-hamala-isake-doorgami-result

अमरीकी साम्राज्यवादी वर्चस्व को बढ़ाने में पश्चिम एशिया में दृढ़ स्तम्भ इजरायल रहा है। 1979 से पहले ईरान का शासक शाह रजा पहलवी  भी इस क्षेत्र में अमरीका का लठैत रहा है। 1979 में रजा पहलवी का तख्ता उलटने के बाद जो इस्लामी सत्ता आयी, वह लगातार अमरीकी साम्राज्यवाद की वर्चस्ववादी नीतियों का विरोध करती रही थी। यह सत्ता इजरायल द्वारा फिलिस्तीनियों को उजाड़े जाने और उनकी जमीनों पर यहूदी बस्तियां बसाने का विरोध करती रही है।