भइया ! इसे कहते हैं अक्ल बेचकर खाना

/bhaiyaa-ise-kahate-hain-akl-bechakar-khaanaa

अक्ल बेचकर कोई खायेगा तो इसका परिणाम क्या निकलेगा। दुनिया भर के पूंजीवादी नेताओं का यही हाल है। क्या हमारा देश और क्या इटली। हमारे देश में एक ओर बलात्कारियों के लिए आये दिन फांसी की सजा की मांग उठती है तो दूसरी ओर जनाक्रोश को शांत करने के लिए फर्जी एनकाउण्टर किये जाते हैं। बदलापुर का मामला नया है और हैदराबाद का पुराना है। न्यायालय का काम स्वयं पुलिस ही कर डालती है। 
    
भारत की तरह अकल बेचकर खाने वालों में मुसोलिनी की चेली, मोदी की खास दोस्त इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी का नाम भी शामिल हो गया है। इन्होंने बलात्कारियों का ‘‘इलाज’’ रासायनिक बधियाकरण में खोज डाला है। बलात्कारियों को रासायनिक ढंग से नपुंसक बना दिया जायेगा। एंड्रोजन हार्मोन को रासायनिक ढंग से ब्लॉक (रोक) कर दिया जायेगा। ‘एंड्रोजन-ब्लाकिंग’ के लिए जार्जिया मेलोनी की सरकार ने कानून बनाने के लिए एक समिति का गठन कर लिया है। इटली की विपक्षी पार्टियां यह कहकर इसका विरोध कर रही हैं कि यह सामंती काल के अंग-भंग करने वाले शारीरिक दण्ड जैसा है। मेलोनी लेकिन सुन नहीं रही हैं। 
    
बलात्कारियों को फांसी देना या उनका इनकाउण्टर करना या उन्हें नपुंसक बनाना कुछ वैसा ही है जैसे कोई मच्छर तो मारता रहे परन्तु कभी उस स्थान को नष्ट या साफ न करे जहां से मच्छर पैदा होते हैं। 

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।