फिर एक बार महात्मा बुद्ध और फासीवादी हिटलर
खबर है कि बिहार सरकार ने धार्मिक स्थलों और शिक्षण संस्थानों के पास मांस-मछली के बेचने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। बिहार के भाजपाई उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा
खबर है कि बिहार सरकार ने धार्मिक स्थलों और शिक्षण संस्थानों के पास मांस-मछली के बेचने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। बिहार के भाजपाई उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा
पिछले दिनों नई दिल्ली में ‘इण्डिया ए आई इम्पैक्ट समिट’ का आयोजन पूरी रंगबाजी में हुआ। यह समिट अपने पहले दिन से ही अपनी खास शैली में प्रधानमंत्री मोदी के आत्म प्रचार, चोरी
उत्तराखण्ड को हिन्दुत्व की प्रयोगशाला बनाने पर उतारू संघी आजकल घबराये हुए हैं। सत्ता पर संघी मुख्यमंत्री धामी के काबिज होने, सारी शासन सत्ता अपने हाथ में होने के बावजूद य
देश में चुनाव के दौरान अक्सर ही गुस्से में आकर कई लोग कहते सुने जाते हैं कि अब उक्त पार्टी को हम वोट नहीं करेंगे। लंबे समय से यही देखा गया है कि किसी एक पार्टी की सरकार क
संघ-भाजपा में एक प्रतियोगिता चल रही है। यह प्रतियोगिता इस बात की है कि कौन सा नेता कितना घटिया-जहरीला-नफरती बयान दे सकता है। कौन मुसलमानों को कितनी भद्दी भाषा में गरिया स
किसी जमाने में ‘जय श्री राम’ का नारा गूंजने पर महसूस होता था कि कोई धार्मिक आस्थावान टोली मंदिर की ओर पूजा के लिए जा रही हो। पर आज इस नारे के तेवर और अर्थ बदल गये हैं। इस
इंदौर साफ-सफाई में सबसे स्वच्छ शहर का दर्ज़ा पाने वाला शहर है। सरकार करोड़ों रुपया फूंक इसे स्मार्ट सिटी बनाने पर उतारू है। लेकिन पिछले दिनों यहां दूषित पानी पीने से कई जान
11 जनवरी को दिल्ली में भारत मंडपम में एक कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम था ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलाग’। इस कार्यक्रम में अजित डोभाल जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहक
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।