पत्र
एक अफवाह से सार्थक वार्तालाप
सोशल मीडिया पर एक अफवाह उड़ी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महिलाओं के पहनावे को लेकर एक बयान दिया है। कि जो भी महिला या वयस्क लड़की फुहड़ कपड़े पहन कर घूमेगी उनका अकाउंट बं
काश
काश यूं ही कोई बात हो जाये
सारे संसार के नक्शे एकाकार हो जायें।
दिशाओं का भ्रम भी टूट जाये,
पूरब-पश्चिम, उत्तर-दक्षिण भी ना बचा रह जाये,
समुद्र का खारापन चखें सभी
सुनहरी राख
वर्मा जी की सरकारी नौकरी उस समय लगी जब पांचवीं जमात फेल आदमी को भी सरकारी नौकरी मिल जाती थी। और प्रमोद का दाखिला उस समय सरकारी स्कूल में हुआ जब सरकारी कर्मचारियों के बच्चों का सरकारी स्कूल में पढ़ना
आज का नीरो
रोम जल रहा था
नीरो बंशी बजा रहा था
हमारा नीरो बंशी नहीं
डमरू बजा रहा है।
जनता दूषित पानी पीकर मर रही है
वह ड्रम बजा रहा है
रूपया रसातल में जा रहा है
उत्तराखण्ड : हिन्दुत्व की प्रयोगशाला
आजकल उत्तराखंड हिंदुत्व की प्रयोगशाला बना हुआ है। यहां लंपट, गुंडा तत्वों को हिंदुत्व के नाम पर गुंडागर्दी करने की खुली छूट मिली हुई है। कभी पूर्वोत्तर के छात्र एंजल चकमा
कैसा लगता है दलित होना
आधे घंटे से मेरे आंसू नहीं रुक रहे हैं। यह किसी वंशानुगत बीमारी की तरह लग रहा है। गला रुंध रहा है, छोटी हिचकियां उठ रही हैं। हिचकियां दबाने से गला दुखता है।
राजनैतिक गिद्ध
वो जुमला गढ़ते हैं कि
बेटी बचाओ? बेटी पढ़ाओ?
मकसद साफ है
पहले बेटी तो बचाओ तभी तो पढ़ाओगे।
हर जगह नजर है उनकी हमारी बेटियों पर
कैसे और कहां तक छुपाओगे?
मनरेगा : नाम पर चर्चा असली खेल कुछ और
हाल ही में मोदी सरकार ने मनरेगा ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को खत्म कर विकसित भारत जी राम जी बिल संसद के दोनों सदनों से पास कराकर राष्ट्रपति से हस्ताक्षर करा लिए हैं और अ
राष्ट्रीय
आलेख
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।