अर्थव्यवस्था

कोई ऊंट को पहाड़ तो दिखाये

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मोदी सरकार इस वक्त भारत की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था का गुणगान करती रहती है और दावा करती है कि वह अगले दो-तीन वर्षों में दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगी। क्या भ

गिरता रुपया बढ़ता मौन

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कभी मोदी ने रुपये के मूल्य को तब के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इकबाल से जोड़ दिया था। और कहा था कि दोनों में होड़ मची है कि कौन कितने नीचे गिरता है। आजकल जब रुपया लगातार न

‘नो किंग्स’ प्रदर्शनों की दूसरी लहर

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अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ 18 अक्टूबर को लाखों युवा, श्रमिक, विद्यार्थी व आम जन सड़कों पर उतरे। इसे ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन की दूसरी लहर कहा गया। 2700 से ज्यादा प

अडाणी की सेवा में एल आई सी

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अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की एक खबर के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एल आई सी) ने अडाणी समूह में 3.9 अरब डालर का निवेश किया है।

‘‘GST महोत्सव’’

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मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2017 से जीएसटी कानून लागू किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नारा दिया गया कि ‘एक राष्ट्र, एक कानून’। वैसे ऐसा नहीं था। जीएसटी की कई दरें थीं और

पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आओ

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उत्तर भारत के पंजाब, उत्तराखण्ड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, आदि कई राज्य इस समय बाढ़-भूस्खलन का सामना कर रहे हैं। इस आपदा में सैकड़ों लोग जान गंवा चुके हैं व अभी भी लाखों लोग बा

इण्डोनेशिया में आर्थिक तंगी के चलते जनता में उबाल

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इण्डोनेशिया में मौजूदा विरोध प्रदर्शनों ने 14-15 वर्ष पूर्व अरब बसंत के ट्यूनेशिया की यादें ताजा कर दीं। ट्यूनेशिया में तब एक पुलिस कांस्टेबल के फल विक्रेता को थप्पड़ व बा

मजदूर हो रहे बेकार : लफ्फाजी और सिर्फ लफ्फाजी करती सरकार

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ट्रम्प के 50 प्रतिशत टैरिफ 27 अगस्त से भारत में लागू हो गये। टैरिफ लागू होने से पहले ही इसका असर मजदूर वर्ग पर पड़ता दिखने लगा था। तिरुपुर, नोएडा, सूरत के कपड़ा और परिधान न

आर्थिक संकट, विश्व व्यापार संगठन और ‘तटकर युद्ध’

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दोनों विश्व युद्धों के बीच के काल में, खासकर 1929 से शुरू हुई महामंदी के काल में साम्राज्यवादी देशों के बीच ‘मुद्रा युद्ध’ और ‘तटकर युद्ध’ बहुत तेज हो गया था। निर्यात में बढ़त हासिल करने के लिए देश अपनी मुद्राओं का अवमूल्यन कर रहे थे और तटकर बढ़ा रहे थे। इसने महामंदी को और घनीभूत किया। इस तरह महामंदी से निकलने के देशों के व्यक्तिगत प्रयास ने वैश्विक तौर पर उसे और घनीभूत किया। अंततः द्वितीय विश्व युद्ध की तबाही से महामंदी से निजात मिली। 

अंगोला : ईंधन सब्सिडी कटौती के खिलाफ जनता सड़कों पर

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अंगोला में 1 जुलाई से ईंधन सब्सिडी में कटौती कर दी गयी है। इस कटौती के खिलाफ मिनीबस टैक्सी एसोसिएशन ने 28 जुलाई को तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया। इस ईंधन सब्सिडी में कट

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।