हरिद्वार : एक मजदूर की मौत पर मजदूरों का संघर्ष
हरिद्वार/ दिनांक 27 मई को स्नो पैक कम्पनी नियर अम्बेडकर चौक, बाहदराबाद औद्योगिक क्षेत्र, हरिद्वार में सुबह 8.30 बजे भगवान दयाल नामक मजदूर की मशीन में इमर
हरिद्वार/ दिनांक 27 मई को स्नो पैक कम्पनी नियर अम्बेडकर चौक, बाहदराबाद औद्योगिक क्षेत्र, हरिद्वार में सुबह 8.30 बजे भगवान दयाल नामक मजदूर की मशीन में इमर
पंतनगर/ उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में पंतनगर सिड़कुल में स्थित डाल्फिन कम्पनी के मजदूरों का संघर्ष जारी है। यह कम्पनी मारुति के कल-पुर्जे बनाती है। इस कम्प
हरिद्वार/ दिनांक 20 मई को संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा हरिद्वार द्वारा चिन्मय डिग्री कालेज से लेकर श्रम विभाग तक रैली निकाली गयी और नया न्यूनतम
मजदूरों का वेतन जो बढ़ा है वो सिडकुल में कम्पनी मालिक नहीं दे रहे हैं। कैम्पस फुटवियर कम्पनी सिडकुल, हरिद्वार के मजदूर भी वेतनवृद्धि को लेकर व अन्य मुद्दों को लेकर दो-तीन
गुड़गांव/ हरियाणा राज्य के गुरुग्राम में लघु सचिवालय के सामने चल रहा बेलसोनिका मजदूर यूनियन के मजदूरों का प्रतिरोध धरना 156 दिन पूरे होने के बाद समाप्त कर
पंतनगर/ दिनांक 26 फरवरी 2024 को विगत जनवरी 2024 माह के वेतन भुगतान नहीं होने से नाराज विश्वविद्यालय के फसल अनुसंधान केन्द्र के ठेका मजदूर काम बंद कर डायर
रुद्रपुर/ लुकास टीवीएस मजदूर संघ के 32 मजदूरों को 5 फरवरी से प्रबंधन व श्रम विभाग के अधिकारियों के उत्पीड़न के खिलाफ हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा था। इसके बाद 7 फरवरी को उप श्रमा
प्रगतिशील भोजनमाता संगठन द्वारा उत्तराखंड में कुमाऊं के हल्द्वानी में 24 फरवरी और गढ़वाल के हरिद्वार में 25 फरवरी को जोरदार विरोध-प्रदर्शन किए गये।
दिनांक 16 फ़रवरी को जहां एक ओर देश भर में किसान और मजदूर संगठन, दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के दमन के विरोध में भारत बन्द और हड़ताल कर रहे थे वहीं जनपद बरेली में बड़ी संख
हल्द्वानी के बनभूलपुरा में 8 फ़रवरी के प्रकरण, जिसमें एक मदरसा और नमाज स्थल ढहाने के बाद भड़की हिंसा में पुलिस फायरिंग में 5-6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबक
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।