स्थानीय
बनभूलपुरा (हल्द्वानी) में हिंसा और कर्फ्यू
उत्तराखण्ड सरकार की अल्पसंख्यक विरोधी राजनीति और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा
मध्य प्रदेश के हरदा में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट
6 फरवरी को सुबह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 150 किलोमीटर दूर हरदा जिले के बैरागढ़ गांव में पटाखा बनाने वाली फैक्टरी में विस्फोट होने से 13 लोगों की मौत हो गयी (हालांकि
ग्रामीण मजदूरों का अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन
मऊ-बलिया/ 12 जनवरी को ग्रामीण मजदूर यूनियन बलिया की ओर से तहसील मुख्यालय रसड़ा पर धरना-प्रदर्शन किया गया। धरने से पहले दर्जनों महिला और पुरुष मजदूरों ने म
हिट एण्ड रन कानून के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल में आटो यूनियन की सक्रियता
बरेली/ औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति के नाम पर मोदी सरकार ने उससे भी ज्यादा कठोर काले कानून पास किये हैं। ‘भारतीय न्याय संहिता’, ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संह
राजा बिस्कुट के मजदूरों का सम्मानजनक समझौता
हरिद्वार/ हरिद्वार सिडकुल स्थित राजा बिस्कुट के मजदूरों का लम्बा संघर्ष सम्मानजनक समझौते के साथ समाप्त हो गया है। प्रबंधन मजदूरों की ग्रेच्युटी, बोनस सहि
लुकास टीवीएस के मजदूरों का धरना जारी
प्रबंधन ने कार्यकारी अध्यक्ष समेत तीन मजदूरों को किया कम्पनी से बाहर
राष्ट्रीय
आलेख
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।