साहित्य

तुम्हारे हाथ और असत्य -नाजिम हिकमत

/tumhaare-haath-aur-asaty-najim-hikamat

तुम्हारे हाथ
चट्टानों की तरह संजीदा
जेल में गाए जाने वाले गीतों की तरह उदास
जुते हुए बैलों की चाल की तरह भारी
भूखे मरते हुए बच्चों के चेहरे की तरह भयानक

कहानी - नदामत (पश्चाताप)

/kahani-nadamat-regret

वृद्ध माता की उम्र 65 वर्ष के आस-पास है। जीवनसाथी का देहांत हुए एक अरसा बीत चुका है जो जाने से पहले किराए के पांच कमरे छोड़ गए थे। दोनों बेटे बाहर ही रहते हैं और तीज-त्यौह

तुम्हारा डर, हमारी जीत -वंदना

ऐ शोषक!
तुम्हारे लिए आसान होगा
हमें कैद कर देना
पर हमें इससे डर नहीं लगता
बल्कि आती है
तुम्हारी इस धूर्तता पर हंसी।
कितना डरते हो तुम हमसे

कौन जात हो भाई -बच्चा लाल उन्मेष

/kaun-jaat-ho-bhaai-bachacha-laal-unamesh

कौन जात हो भाई?
‘‘दलित हैं साब!’’
नहीं मतलब किसमें आते हो?
आपकी गाली में आते हैं
गंदी नाली में आते हैं
और अलग की हुई थाली में आते हैं साब!

पुराना सवाल -अरुण कमल

/purana-sawal-arun-kamal

पहले खेत बिके
फिर घर फिर जेवर
फिर बर्तन
और वो सब किया जो गरीब और अभागे
तब से करते आ रहे हैं जब से यह दुनिया बनी
पत्नी ने जूठा धोया

स्मार्ट सिटी -अनवर हुसैन

/smart-city-anawar-hussain

ये जगह जो अभी
योजनाओं और नीतियों में
ले रही आकार
जिस पर झूम रही सरकार
घात लगाए हैं विश्व-व्यापी व्यापार
और तुम हो कितने गंवार
तुम जैसों के कारण ही

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।