मजदूर संघर्ष

गाजा नरसंहार के दो वर्ष पूरे होने पर दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन

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इजरायल द्वारा गाजा का नरसंहार शुरू किये दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस पूरी अवधि में गाजा के समर्थन में दुनिया भर में जनता की एकजुटता बढ़ती गयी है। 2 वर्ष पूरे होने पर भी जग

देरी से वेतन दिए जाने पर बैठकी हड़ताल, मिली आंशिक जीत

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गुड़गांव/ शिवम आटो टेक कंपनी बिनोला गुड़गांव में स्थित है। यह कंपनी हीरो मोटो कार्प के लिए कल-पुर्जे बनाती है। इस कंपनी के कई प्लांट हैं। इस कंपनी में तीन

सन इंटरनेशनल कंपनी में मजदूरों का फूटा गुस्सा

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गुडगांव/ आई एम टी मानेसर, गुड़गांव में स्थित सेक्टर 4 प्लाट नंबर 202 में सन इंटरनेशनल के नाम से कंपनी है। यह कंपनी एक्सपोर्ट लाईन की है। यहां पर डेढ़-दो सौ

मजदूर की जान लेने वाले डाक्टर का क्लिनिक सीज

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हरिद्वार/ सिडकुल, हरिद्वार के हिन्दुस्तान यूनिलीवर कम्पनी के श्रीचन्द मजदूर के हाथ में फ्रेक्चर हुआ था। रॉड पड़ी थी। उसका इलाज रानीपुर मोड़ के प्राईवेट सिटी अस्पताल में चल रहा था। हत

मालधन में अवैध शराब के धंधे के विरुद्ध महिलायें आक्रोशित

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रामनगर/ उत्तराखंड में रामनगर के मालधन में पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग की मिलीभगत से अवैध शराब का धंधा जमकर फल-फूल रहा है। इससे क्षेत्र की महिलाएं बेहद

अर्जेन्टीना : गरहान अस्पताल के कर्मचारी संघर्षरत

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अर्जेन्टीना में पिछले दो महीनों से गरहान अस्पताल के कर्मचारी अपनी वेतन वृद्धि, स्टाफ की भर्ती और आपूर्ति और आधारभूत ढांचे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कर्मचारियों ने अपनी मा

गोरखपुर में ट्रेनी महिला सिपाहियों का प्रदर्शन

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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 23 जुलाई (बुधवार) की सुबह ट्रेनिंग के लिए आयी करीब 600 महिला सिपाहियों ने जमकर हंगामा किया। उनके द्वारा ऐसा करने की वजह ट्रेनिंग सेंटर में न क

आम हड़ताल : कुछ बातें

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केन्द्रीय ट्रेड यूनियन फेडरेशनों द्वारा आहूत आम हड़ताल 9 जुलाई को सफल हो गई। इस हड़ताल में केन्द्रीय फेडरेशनों ने करोड़ों मजदूरों की भागीदारी का दावा कर हड़ताल को सफल घोषित क

ग्रीस : काम के घंटे बढ़ाये जाने के विरोध में प्रदर्शन

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ग्रीस के श्रम मंत्रालय ने मजदूरों के काम के घंटे प्रति दिन 13 किये जाने के सम्बन्ध में एक नियम पारित करने का तय किया है। इस नियम के अनुसार अब मजदूर एक ही नियोक्ता के अधीन

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।