विद्युत संविदा कर्मचारियों का सम्मेलन सम्पन्न

Published
Thu, 04/16/2026 - 15:50
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लखनऊ/ उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ का चतुर्थ द्विवार्षिक सम्मेलन 4-5 अप्रैल 2026 को गांधी भवन प्रेक्षागृह कैसर बाग लखनऊ में आयोजित किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से हजारों की संख्या में विद्युत संविदा कर्मियों ने भागीदारी की। सम्मेलन की शुरुआत में संगठन के संरक्षक कौशल किशोर ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से बात रखी तथा कर्मचारियों को अपने हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। सम्मेलन के प्रथम सत्र की शुरुआत प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा पेश किए गए क्रांतिकारी गीत ‘‘मिल के चलो“ से की गई। 
    
इसके पश्चात संगठन के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडेय ने पिछले सम्मेलन से अब तक की संगठन की गतिविधियों, संघर्षों और सांगठनिक स्थिति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में संगठन लगातार विभाग के संविदा कर्मियों की मांगों और उनके अधिकारों को लेकर लगातार सक्रिय रहा है। इस बीच में स्थानीय स्तर से लेकर शक्ति भवन, विधानसभा भवन, ऊर्जा मंत्री आवास, लखनऊ स्तर पर कई धरना-प्रदर्शन और सत्याग्रह सभाओं का आयोजन किया गया। संगठन विभाग द्वारा की जा रही अवैध छंटनी, ईपीएफ के गबन, वेतन बढ़ोत्तरी, सुरक्षा उपकरण जैसी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष करता रहा है। इसके अलावा संगठन का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित आउटसोर्स सेवा निगम में पावर कारपोरेशन को शामिल किया जाए। संगठन सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण और उनमें जारी ठेका/संविदा प्रथा का भी विरोध करता रहा है।
    
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद खालिद ने कहा हमारा ये चौथा सम्मेलन एक ऐसे समय में हो रहा है। जब विभाग के अंदर संविदा कर्मचारियों पर चौतरफा हमले हो रहे हैं। हमारे उत्पीड़न और शोषण को बढ़ाने वाली नीतियां अमल में लाई जा रही हैं। अगर हम अपने शोषण-उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो उसे दबाने का प्रयास किया जाता है। 2023 के संघर्ष के बाद से लेकर अब तक हमारे हजारों साथियों की छंटनी की जा चुकी है। हमारे दर्जनों साथी सुरक्षा उपकरणों के अभाव में अपनी जान गंवा चुके हैं। 
    
सम्मेलन का संचालन करते हुए संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष हर्षवर्धन ने कहा कि यह सम्मेलन संगठन को आगे बढ़ाने और संघर्ष की दिशा को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। हमने न सिर्फ अपनी मांगों को लेकर संघर्ष किया है बल्कि हमारी समस्याओं के लिए जिम्मेदार पूंजीवादी व्यवस्था और उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ भी आवाज उठाई है।        

सम्मेलन में अतिथि के तौर पर इंकलाबी मजदूर केंद्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन तथा प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच के साथियों को भी आमंत्रित किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए इंकलाबी मजदूर केंद्र के डी सी मौर्या ने कहा कि मजदूरों पर आजादी के बाद का सबसे बड़ा हमला चार लेबर कोड के रूप में बोला गया है। इससे मजदूरों को हड़ताल करने, संगठित होने, सामाजिक सुरक्षा, काम के घंटे, वेतन की सुरक्षा जैसे मामले समाप्त हो जाएंगे। उदारीकरण, निजीकरण की मार सबसे ज्यादा मजदूर वर्ग पर पड़ रही है। अस्थाई नौकरी ने जीना दूभर कर दिया है। पूंजीवादी साम्राज्यवादी व्यवस्था का संकट अब वहां पहुंच गया है कि अब वह आम लोगों को रोटी देने में भी सक्षम नहीं है।
    
क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के सतीश ने कहा कि हमें उम्मीद है कि यह सम्मेलन अपने साथियों के लिए संघर्ष की दिशा तय करेगा। देश में काम कर रहे सभी ठेका संविदा मजदूरों से क्रांतिकारी एकता कायम करने का प्रयास करेगा। आज जब मजदूरों-कर्मचारियों का शोषण-उत्पीड़न बढ़ा है तो दूसरी तरफ देश के अलग-अलग हिस्सों में मजदूरों-कर्मचारियों के स्वतः स्फूर्त संघर्ष दिखाई पड़ रहे हैं। ये संघर्ष वेतन बढ़ोत्तरी, काम के घंटे, विपरीत कार्य परिस्थितियों जैसी मांगों को लेकर हो रहे हैं। ये संघर्ष एक आशा का संचार भी करते हैं कि मजदूर वर्ग अब पीछे हटने के बजाए प्रतिवाद करना सीख रहा है। जरूरत है इन संघर्षों को ठीक दिशा दी जाए और एकजुट किया जाए।  
    
पहले दिन की कार्यवाही का समापन प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच द्वारा क्रांतिकारी गीतों और जोशीले नारों के साथ किया गया। एक दिन की कार्यवाही के बाद अगले दिन चुनाव की प्रक्रिया पूरी की गई। सम्मेलन में मौजूद लोगों ने मो. खालिद को प्रदेश अध्यक्ष, देवेंद्र कुमार पांडेय को प्रदेश महामंत्री, हर्षवर्धन और रमेश चंद्र राजपूत को प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश संगठन मंत्री रणबहादुर यादव, प्रदेश कार्यालय मंत्री भूपेंद्र सिंह, संयुक्त मंत्री भानु प्रताप और मीडिया प्रभारी रंजीत कन्नौजिया को चुना। अंत में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपने पद की शपथ ली तथा जोशीले नारों और ऊर्जा के साथ सम्मेलन का समापन हुआ। 
        -लखनऊ संवाददाता

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