फासीवाद / साम्प्रदायिकता,

वैष्णव की फिसलन

/vaishanav-ki-phisalan

हरिशंकर परसाई का एक व्यंग्य है- वैष्णव की फिसलन। इसमें एक ऐसे व्यवसाई की कथा है जो पर्याप्त धार्मिक व्यक्ति है। वह एक पांच सितारा होटल खोल लेता है और फिर ग्राहकों की मांग

इतिहास में नाम दर्ज कराने की ख्वाहिशें

/itihaas-men-naam-darj-karane-ki-khwaahasen

आजकल इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने की बहुत सारे लोगों की ख्वाहिशें प्रबल हो उठी हैं। बहुत साल नहीं हुए जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि इतिहास उनका अलग ढंग

खुशखबरी ! अब कानून अंधा नहीं रहा

/khushkhabari-ab-kaanoon-andhaa-nahin-rahaa

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चन्द्रचूड़ ने अपने रिटायर होने से पहले एक महान काम कर दिया। उन्होंने अंधे कानून को आंखों वाला बना दिया। न्याय की देवी की आंखों में बंधी पट्टी हटा दी

भाजपा का जबरिया सदस्यता अभियान

बीते दिनों केन्द्र में सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने अपना देशव्यापी सदस्यता अभियान चलाया। दावा किया गया कि 1 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक चले इस अभियान में 10 करोड़ लोगों को भाजपा का नया सदस्य बना लिया गया। पर कुछ वक्त बीतते-बीतते इस अभियान का पाखण्ड सबके सामने आने लगा। जगह-जगह से लोग बगैर उनकी सहमति लिये जबरन उन्हें भाजपा का सदस्य बनाने का आरोप लगाने लगे। भाजपा के पाखण्ड के शिकार लोगों की तादाद इतनी ज्यादा थी कि ‘द हिन्दू’ के वरिष्ठ पत्रकार महेश लांगा ने इस पर अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की। इस रिपोर्ट से भाजपा नेता तिलमि

बीते दिनों केन्द्र में सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने अपना देशव्यापी सदस्यता अभियान चलाया। दावा किया गया कि 1 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक चले इस अभियान में 10 करोड़ लोगों को भाजपा

और अब उत्तरकाशी में बवाल

/aur-ab-uttarkaashi-men-bavaal

उत्तराखंड हिंदुत्व की नई प्रयोगशाला में तब्दील हो चुका है। ताजा मामला उत्तरकाशी का है जहां संयुक्त सनातन धर्म रक्षक संघ नामक हिंदूवादी संगठन द्वारा 24 अक्टूबर को एक जनाक्

रंगा-बिल्ला माफिया गिरोह

/rangaa-billaa-maaphiyaa-giroh

आजकल एक माफिया गिरोह की काफी चर्चा है। इसका कथित सरगना हिन्दू फासीवादियों का नायक बन गया है और उनका प्रचारतंत्र उसके कसीदे गढ़ रहा है। एक क्रूर अपराधी के बदले एक नायक की त

मोहन भागवत का नया लक्ष्य

/mohan-bhaagavat-kaa-nayaa-lakshya

दशहरे पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जो भाषण दिया उसके निहितार्थ काफी घातक हैं। संघ ने बांग्लादेश-श्रीलंका सरीखे विद्रोह भारत में रोकने के लिए संघी संगठनों के लिए मुसलमानों

उत्तराखण्ड : संघ की नई प्रयोगशाला

/uttaraakhand-sangh-ki-nai-prayogsaalaa

जब पुलिस खुद अपराध को संघी धार्मिक चश्मे से देखने लगे। जब प्रशासन से लेकर सरकार के मुखिया धार्मिक अल्पसंख्यकों को अपराधी ठहराने में जुटे हों तब संघ-भाजपा के लिए समूचे प्र

खुशबूदार, जायकेदार बिरयानी और मुंह में लार व जुबान से जहर वाले

/khusaboodar-jaayakedaar-birayani-aur-munh-men-laar-v-jubaan-se-jahar-vaale

बिरयानी का नाम सुनते ही कईयों की भूख खुल जाती है। मुंह में लार आने लगती है। बिरयानी चाहे कैसी भी हो ‘‘कच्ची’’ या ‘‘पक्की’’ या फिर वह मांसाहारी हो अथवा शाकाहारी या फिर वह

नवादा : दलितों के साथ यह हिंसा कब रुकेगी?

/navaadaa-daliton-ke-saath-yah-hinsaa-kaba-rukegi

18 सितम्बर को बिहार के नवादा जिले में दबंगों ने 80 महादलितों के घर फूंक दिये। नवादा जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र की कृष्णा नगर दलित बस्ती को दबंगां द्वारा न केवल आग के ह

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।