मोहुआ मोइत्रा : हंगामा क्यूं है बरपा?
तृणमूल कांग्रेस की सांसद मोहुआ मोइत्रा के बारे में एक भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की सूचना और सर्वोच्च न्यायालय के एक वकील जय अनंत देहाद्राई की गवाही के बाद संसद की नैतिकता
तृणमूल कांग्रेस की सांसद मोहुआ मोइत्रा के बारे में एक भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की सूचना और सर्वोच्च न्यायालय के एक वकील जय अनंत देहाद्राई की गवाही के बाद संसद की नैतिकता
कहने को राज्यपाल का पद एक संवैधानिक पद होता है और उसका दायित्व होता है कि वह संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करे। राज्य का औपचारिक प्रधान होने के नाते वह इस बात के लिए बाध्य
राजस्थान राइफल एसोसिएशन के कोच द्वारा पिछले कुछ वर्षों में पांच महिला निशानेबाजों के साथ बलात्कार और छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। महिला खिलाड़ियों ने कोच की शिकायत प
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को लागू हुए पांच वर्ष बीत चुके हैं। इस योजना को लागू करते समय दावे किए गये कि इस योजना से देश की सबसे गरीब 40 प्रतिशत आबादी लाभ
आल इण्डिया द्रविड मुनेत्र कड़गम (ए आई डी एम के) ने ‘शुक्रिया दोबारा मत आना’ कहकर अपना नाता मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा व एनडीए गठबंधन से तोड़ लिया। ए आई डी एम के नेतृत्व द्व
देश के हिन्दू फासीवादियों की लम्बे समय से तमन्ना रही है कि भारत एक बार फिर विश्व गुरू बन जाये जैसा कि वह उनकी नजर में अतीत में था। अब हिन्दू फासीवादी यह मानने लगे हैं कि
ईमानदारी और साफगोई के मामले में हिन्दू फासीवादियों का रिकार्ड कोई अच्छा नहीं है। वे शुरू से ही दोमुंहापन की बातें करने के लिए बदनाम रहे हैं। इसका सबसे प्रतिनिधिक उदाहरण उ
एक कहावत है, ‘नाम बड़े और दर्शन छोटे’। यह कहावत एक साथ संसद के विशेष सत्र और कथित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर लागू होती है।
यह स्पष्ट है कि मतदान का अधिकांश वोट ऐसी पार्टी को मिलता है जो कल्याणवाद, राष्ट्रीय अंधराष्ट्रवाद और देशभक्ति आदि के नाम पर धन, सांप्रदायिकता, जातिवाद, धोखेबाज योजनाएं, इ
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।