अर्थव्यवस्था

नाइजीरिया में अनाज संकट

अफ्रीकी महाद्वीप का एक देश नाइजीरिया इन दिनों अनाज संकट से जूझ रहा है। 1 अप्रैल को दक्षिण-पश्चिम में ओंडो राज्य की राजधानी अकूरे में जनता ने भूख के कारण गोदामों और ट्रकों

अफगानिस्तान में भूकम्प : ढाई हजार मौतें

इजरायल-हमास जंग की चर्चा में 7 अक्टूबर को अफगानिस्तान में आये भयावह भूकम्प की चर्चा गायब सी कर दी गयी है। 6.3 तीव्रता का यह भूकम्प अफगानिस्तान में पिछले कुछ दशकों में आया

अमेरिका और शटडाउन का खतरा

अमेरिका एक बार फिर शटडाउन के खतरे से जूझ रहा है। 1 अक्टूबर से अमेरिका में नया वित्तीय वर्ष शुरू होना है और खर्चे संदर्भी बजट अगर 30 सितम्बर की मध्य रात्रि तक पारित नहीं ह

केन्या: कर वृद्धि के खिलाफ जनता सड़कों पर

केन्या में सरकार द्वारा करों में भारी वृद्धि के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर रही है, पुलिस से टकरा रही है और किसी भी कीमत पर कर वृद्धि वापस लेने की मांग पर अड़ी हुई है। सरकार प्रदर्शनों का क्रूर दमन कर र

गरीब मुल्क : बढ़ता कर्ज संकट

22-23 जून को पेरिस में दुनिया भर के 300 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय संगठन 100 से अधिक देशों के प्रमुख इकट्ठा होने वाले हैं। ये सभी पेरिस क्लब की बैठक के तहत इकट्ठा होंगे। पेरिस क्लब के तहत दुनिया भर की

तुर्की : एर्दोगन फिर जीता

तुर्की के राष्ट्रपति पद के चुनाव में अंततः 20 वर्ष से सत्तासीन एर्दोगन एक बार फिर चुनाव जीतने में सफल रहा। राष्ट्रपति पद के 14 मई को हुए पहले राउण्ड के चुनाव में किसी प्रत्याशी को 50 प्रतिशत मत न म

पाकिस्तान : गहराता आर्थिक-राजनीतिक संकट

पाकिस्तान से बीते एक वर्ष से वक्त-वक्त पर काफी परेशान करने वाली खबरें आती रही हैं। कभी सरकारी मुफ्त राशन की लाइन में भगदड़ से लोग मर रहे हैं तो कभी राशन के अभाव में सड़कों पर लोग दम तोड़ दे रहे हैं। ब

श्रीलंका : आतंकवाद विरोधी बिल के विरोध में हड़ताल

    25 अप्रैल को श्रीलंका का उत्तरी व पूर्वी प्रांत पूरी तरह ठप रहा। दोनों प्रांतों के लोग राष्ट्रपति विक्रमसिंघे के नये आतंकवाद विराधी कानून के विरोध में हड़ताल व चक्का जाम पर थे। इस नये कानून के त

अमेरिका में ठंड से मरते बेघर लोग

पूंजीवादी व्यवस्था में सबसे विकसित देश अमेरिका में वहां के नागरिकों की क्या स्तिथि है उसे अभी हाल की कुछ घटनाओं से समझा जा सकता है। जब क्रिसमस और नई साल के जश्न के बीच ठंड की वजह से मरते बेघर लोगों

अंतर्राष्ट्रीय

सिलिकान वैली बैंक का डूबना : नये तूफान की आहट

10 मार्च 2023 को अमेरिका का 16वां सबसे बड़ा बैंक सिलिकान वैली बैंक अचानक डूब गया। 2008 के वित्तीय संकट के बाद से यह डूबने वाला सबसे बड़ा बैंक है। इस बैंक के डूबने की खबर ने दुनिया भर के शेयर बाजारों

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।