कुत्तों का शोकगीत

/kutton-kaa-shokgeet

चले गए मालिक हमारे अलविदा ! 
टाटा मालिक ! 
दुखी हैं हम सब कुत्ते दुनियां के कुत्ते 
फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन के कुत्ते
मसलन 2005 में पैदा हुए सलवा जुडूम के पिल्ले
कुत्ते जो टूट पड़े थे 
गरीब आदिवासियों पर अपने गिरोह के मुखिया कुत्ते के आदेश पर जिन्होंने फाड़ डाले थे नग्न आदिवासी महिलाओं के स्तन और
मूत दिया था
संविधान के पन्नों पर !
जैसे 18 जुलाई 2012 के बाद
मारुति सुजुकी के
जापानी मालिक के कुत्तों ने किया। 
नोंच डाले थे
आदिवासी बच्चों के कोमल शरीर
ताकि मालिक खोद सके धरती का सीना और आदिवासी गांव
सूअरों से भी तेज थूथन से
और निकाल ले सोना, चांदी, हीरे, मोती
मालिक बड़े दयालु हैं खुश होने पर 
पार्टियों के मुख्य कुत्तों के गले में डालते हैं सुन्दर सोने के पट्टे
दुनिया के मालिक जानते हैं 
कुत्तों की कीमत इसीलिए खोलते हैं दिल्ली मुंबई में फाइव स्टार कुत्ता अस्पताल ! 
मालिक सचमुच पशु प्रेमी होते हैं
चाहे भारतीय कुत्ते हों 
(या जैसा साथी लेनिन कहते थे) 
ड्यूमा (संसद) के रूसी सूअर ! 
            -उमेश चन्दोला
 

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।