नये लेबर कोड्स के विरोध में प्रदर्शन : कानूनों की प्रतियां जलाई गईं
मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियन फेडरेशनों के आह्वान पर मजदूरों ने 23 सितम्बर को काला दिवस के रूप में मनाया और मजदूर विरोधी नये लेबर कोड्स को र
मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियन फेडरेशनों के आह्वान पर मजदूरों ने 23 सितम्बर को काला दिवस के रूप में मनाया और मजदूर विरोधी नये लेबर कोड्स को र
हरिद्वार/ दिनांक 23 सितंबर को हरिद्वार में वसीम हत्याकांड के विरोध में एक प्रदर्शन कर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से ज्ञापन
मऊ/ बिहार के नवादा जिले की कृष्णानगर दलित बस्ती को पूरी तरह फूंक दिए जाने के खिलाफ, उड़ीसा में पुलिस थाने में ब्रिगेडियर की लड़की के साथ किए गए जघन्य व अमा
पंतनगर/ पारले चौक सिडकुल पंतनगर (उत्तराखंड) में विगत 28 अगस्त 2024 से डाल्फिन मजदूरों का चल रहा धरना और सामूहिक कार्य बहिष्कार जारी है। भारी बरसात में भी
स्थाई मजदूरों को ठेके पर नियोजित करने के खिलाफ आंदोलनरत हैं मजदूर
9 सितम्बर को विधायक कार्यालय पर विरोध-प्रदर्शन की घोषणा
फरीदाबाद/ फरीदाबाद (हरियाणा) में इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा 29 अगस्त को मजदूरों का 8 घंटे का न्यूनतम वेतन 26,000 रुपए करने व हरियाणा सरकार द्वारा मजदूरो
मानेसर(गुड़गांव)/ एजी फैक्टरी में स्थाई श्रमिकों की छंटनी की प्रक्रिया वर्ष 2022 से जारी है। इस समय फैक्टरी में केवल 48 मजदूर स्थाई व लगभग 300 श्रमिक ठेका
हल्द्वानी/ जीआईएस कंसोर्टियम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एच-112, प्रथम तल, सेक्टर 63, नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत, 201-301 ऑनलाइन सर्वे करने वाली कंपनी है, जिस
दिल्ली/ 3 अगस्त को न्यूनतम वेतन एवं अन्य श्रम अधिकारों को लागू करवाने के लिए बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में मजदूर पंचायत का आयोजन किया गया। मजदूर एकता समिति
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।