अर्थव्यवस्था

पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आओ

/punjab-ke-baadh-peediton-ki-madad-ke-liye-aage-aao

उत्तर भारत के पंजाब, उत्तराखण्ड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, आदि कई राज्य इस समय बाढ़-भूस्खलन का सामना कर रहे हैं। इस आपदा में सैकड़ों लोग जान गंवा चुके हैं व अभी भी लाखों लोग बा

नया गेमिंग बिल : हाथ में चाकू थमा खून बहना रोकने का दावा

/new-gaming-bill-haatha-mein-chaakoo-thama-khoon-bahana-rokane-kaa-dava

मोदी सरकार ने बीते दिनों आनन-फानन में संसद में बगैर चर्चा किये नया गेमिंग बिल पारित कर कानून बनवा दिया। इस बिल के चलते आनलाइन गेमिंग की ड्रीम-11 से लेकर अन्य कम्पनियां एक

मजदूर हो रहे बेकार : लफ्फाजी और सिर्फ लफ्फाजी करती सरकार

/workers-ho-rahe-bekaar-laphphaaji-aur-only-laphphaji-karati-government

ट्रम्प के 50 प्रतिशत टैरिफ 27 अगस्त से भारत में लागू हो गये। टैरिफ लागू होने से पहले ही इसका असर मजदूर वर्ग पर पड़ता दिखने लगा था। तिरुपुर, नोएडा, सूरत के कपड़ा और परिधान न

आर्थिक संकट, विश्व व्यापार संगठन और ‘तटकर युद्ध’

/economic-sankt-vishv-vyapar-sangathan-and-terrif-war

दोनों विश्व युद्धों के बीच के काल में, खासकर 1929 से शुरू हुई महामंदी के काल में साम्राज्यवादी देशों के बीच ‘मुद्रा युद्ध’ और ‘तटकर युद्ध’ बहुत तेज हो गया था। निर्यात में बढ़त हासिल करने के लिए देश अपनी मुद्राओं का अवमूल्यन कर रहे थे और तटकर बढ़ा रहे थे। इसने महामंदी को और घनीभूत किया। इस तरह महामंदी से निकलने के देशों के व्यक्तिगत प्रयास ने वैश्विक तौर पर उसे और घनीभूत किया। अंततः द्वितीय विश्व युद्ध की तबाही से महामंदी से निजात मिली। 

जेन स्ट्रीट, दलाल स्ट्रीट और जुआरी पूंजीवाद

/zen-street-dalal-street-and-juaari-capitalism

पिछले दो-तीन दशकों से भारतीय शासकों ने एक मुहिम के तहत भांति-भांति की सट्टेबाजी को समाज में प्रोत्साहित किया है। इसमें शेयर बाजार (‘‘डेरिवेटिव बाजार’ सहित) की सट्टेबाजी प्रमुख है। संप्रग सरकार और भाजपा सरकार दोनों ने ही इसे खूब प्रोत्साहित किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने लोगों को मजबूर किया है कि लोग इस सट्टेबाजी की ओर जायें। जब बैंकों में जमा पर ब्याज दर महंगाई दर से नीचे हो तो लोग कहीं और पैसा लगाने को मजबूर हो जायेंगे। 

असमानता-शोषण-बेकारी के समुद्र पर टिकी चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था

/inequility-shoshan-unemplyoment-ke-samundra-par-tiki-chauthi-badi-economy

हाल ही में नीति आयोग के सी ई ओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) बी वी आर सुब्रमण्यम ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत जापान को पीछे छोड़ते हुये दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्थ

उत्तर प्रदेश में असंगठित मजदूर योजना लेकिन खर्चा शून्य

/uttar-pradesh-mein-asangathit-majdoor-yojana-lekin-kharcha-soony

अक्सर भाजपा नेता कहते हुए सुनाई देते हैं कि कांग्रेस राज में 1 रुपये किसी योजना के लिए भेजे जाते थे तो जमीन पर 25 पैसे ही पहुंचते थे। यह बात काफी हद तक सच भी थी। लेकिन इस

योगी सरकार का मजदूर महिलाओं पर नया हमला

/yogi-sarkar-ka-workers-mahilaon-par-naya-hamalaa

8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर महिला दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर योगी सरकार ने मजदूर महिलाओं को तोहफा दिया है। यह तोहफा है मजदूर महिलाओं को खतरनाक उद्योगों में काम कर

परजीवी और मेहनतकश

/parasite-and-mehanatakash

सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश पढ़े-लिखे समझदार लोग माने जाते हैं। कम से कम उनसे देश-दुनिया के बारे में इतनी समझदारी की उम्मीद की जाती है कि वे ढंग से न्याय कर सकें

केन्द्रीय बजट का राजनीतिक अर्थशास्त्र

/kendriy-budget-kaa-raajnitik-arthashaashtra-1

आंकड़ों की हेरा-फेरी के और बारीक तरीके भी हैं। मसलन सरकर ने ‘मध्यम वर्ग’ के आय कर पर जो छूट की घोषणा की उससे सरकार को करीब एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान बताया गया। लेकिन उसी समय वित्त मंत्री ने बताया कि इस साल आय कर में करीब दो लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। इसके दो ही तरीके हो सकते हैं। या तो एक हाथ के बदले दूसरे हाथ से कान पकड़ा जाये यानी ‘मध्यम वर्ग’ से अन्य तरीकों से ज्यादा कर वसूला जाये। या फिर इस कर छूट की भरपाई के लिए इसका बोझ बाकी जनता पर डाला जाये। और पूरी संभावना है कि यही हो। 

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।