पत्र

और उन्होंने कुछ नहीं खाया

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उस दिन गुड़गांव से बरेली जाने के लिए टनकपुर एक्सप्रेस का इंतजार कर रहा था। ट्रेन का टाइम रात 10 बजे का था पर ट्रेन 30 मिनट लेट है, की उद्घोषणा बार-बार होते हुए 5 घंटे बाद

जनता के पैसे से छवि चमकाते प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी धूमिल होती छवि चमकाने का कोई मौका नहीं छोड़ते। पिछले साल गुजरात में भी ऐसी ही एक घटना घटी, जब 7 अक्टूबर 2024 को गुजरात सरकार ने कुछ विज्ञापन

स्पीड पोस्ट

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भीमकाय मशीनों का शोरगुल, धूल और घुटन भरी हवा। सुरक्षा के नाम पर अस्पताल में प्रयोग होने वाला नोज मास्क। शाम तक नाक के भीतर काली लोहा मिश्रित गर्द जम चुकी है। खांसने पर का

किर्बी के मजदूर नेताओं पर लगाये फर्जी मुकदमों का विरोध करो

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हम किर्बी बिल्डिंग सिस्टम्स के सिडकुल हरिद्वार में काम करने वाले श्रमिक हैं। हम फैक्टरी में पिछले लगभग 20 सालों से कार्य कर रहे हैं। हमारी फैक्टरी में स्थायी एवं अस्थायी

तम्बाकू के लती क्रांतिकारियों के नाम एक खत

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आज दिनांक 31 मई तम्बाकू निषेध दिवस है। यह हिन्दुस्तान नामक अखबार में आया है। मैं हिन्दुस्तान नामक दैनिक अखबार का पाठक हूं। इसे पढ़कर मुझे तम्बाकू के बारे में लिखने की कुछ

रिक्तता

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मोहन पूरी ताकत से प्रकाश की उंगलियां दबा रहा है। प्रकाश का हाथ बिल्कुल ढीला है और  उंगलियों में कोई प्रतिरोध नहीं है। ढीली उंगलियों का मांस और उसके भीतर मौजूद हड्डियां आप

कठिन जिन्दगी

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मैं 23 जुलाई को अपने सेल्स कार्य के लिए रुद्रपुर गया। वहां विकास खण्ड अधिकारी से बात करनी थी लेकिन पंचायत चुनाव के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो पायी। मैं पैदल लौट रहा था। मै

एक मजदूर महिला की मौत

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पाचजंय प्लाईवुड फैक्टरी बरेली की फरीदपुर तहसील के फरीद में स्थित है। फरीदपुर के एक गांव की रहने वाली रेखा देवी उम्र 40 वर्ष इस फैक्टरी में मशीन से छिली ढलाई को बंडल बांध

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।