दिल्ली में उत्तराखंड भवन पर प्रदर्शन

Published
Sun, 11/01/2026 - 07:50
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इंकलाबी मजदूर केंद्र के उपाध्यक्ष पंकज कुमार, केन्द्रीय परिषद सदस्य जय प्रकाश और पीपुल्स यूथ फ्रंट के इंजीनियर ललित कुमार को हरिद्वार जिला प्रशासन द्वारा फर्जी तरीके से गुंडा एक्ट लगाकर जिला बदर करने के खिलाफ 29 अक्टूबर को दिल्ली में उत्तराखंड भवन पर विभिन्न क्रांतिकारी, सामाजिक और मजदूर संगठनों ने प्रदर्शन किया। 
    
इंकलाबी मजदूर केंद्र के उपाध्यक्ष पंकज कुमार और केंद्रीय परिषद सदस्य जय प्रकाश हरिद्वार सिडकुल में मजदूरों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। आन्दोलन के दौरान पंकज कुमार ने हरिद्वार में दो फैक्टरियों में एडीएम, एएलसी के साथ बैठकर समझौता भी कराया। समझौते पर पंकज कुमार के हस्ताक्षर भी हैं लेकिन पूंजीपतियों के इशारे पर इन्हीं फैक्टरियों के मामले में पंकज और जय प्रकाश पर गुंडा एक्ट का फर्जी मुकदमा कायम कर दिया गया। 16 अक्टूबर को हरिद्वार जिला प्रशासन ने गुपचुप तरीके से जिलाबदर की कार्रवाई कर दी। और 23 अक्टूबर को जय प्रकाश को सादा वर्दी में पुलिस द्वारा उठाकर थाने ले जाया गया और उनका फोन भी जब्त कर लिया ताकि वे इसकी सूचना किसी को न दे सकें। और तीन- चार घंटे बाद उनको हरिद्वार से बाहर उत्तर प्रदेश के बार्डर पर छोड़ दिया गया।  इनके अलावा एक अन्य संगठन पीपल्स यूथ फ्रंट के ललित कुमार को भी गुंडा एक्ट लगाकर जिला बदर कर दिया गया।
    
इससे पहले गुड़गांव में भी इंकलाबी मजदूर केंद्र के 6 कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस लगाकर जेल में डाल दिया गया था। 50 दिन जेल में रहने के बाद वे फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। 
    
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र व तमाम राज्य सरकारें एकाधिकारी पूंजी के हित में लगातार मजदूरों का दमन कर रही हैं। श्रम कानूनों की अनदेखी कर मजदूरों और मजदूर नेताओं पर लगातार दमन की कार्यवाही कर रही हैं। इसके साथ ही वे मजदूर आंदोलनों का अपराधीकरण भी कर रही हैं। नये लेबर कोड मजदूर आंदोलनों का आपराधीकरण करने की दिशा में ही एक कदम हैं।
    
उत्तराखंड भवन पर हुए प्रदर्शन के दौरान मजदूरों और उनके नेताओं पर बढ़ते जा रहे दमन का मुकाबला करने के लिए एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया गया। एकाधिकारी पूंजी और संघ व भाजपा के फासीवादी गठजोड़ के खिलाफ मजबूती के साथ लड़ने का आह्वान किया गया। 
    
कार्यक्रम में इमके, पछास, प्रमएके, क्रालोस, मजदूर संघर्ष संगठन, क्रांतिकारी मजदूर मोर्चा, एआइएफटीयू (न्यू), सीएसटीयू जन संघर्ष मंच हरियाणा, सीपीआई एमएल मार्क्स लाइन, बिहार निर्माण व असंगठित श्रमिक यूनियन, श्रमिक संग्राम समिति सहित सामाजिक संगठनों तथा जन पक्षधर लोग इकट्ठा हुए और जनसभा व प्रदर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री उत्तराखंड को संबोधित ज्ञापन रेजिडेंट कमिश्नर उत्तराखंड को सौंपा।         -दिल्ली संवाददाता

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