फासीवाद / साम्प्रदायिकता,

‘‘संघ नहीं मनायेगा शताब्दी वर्ष’’

मोहन भागवत जो कि संघ प्रमुख हैं ने घोषणा की कि अगले साल 2025 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष का जश्न नहीं मनायेगा। उपलब्धियों का ढिंढोरा नहीं पीटेगा।

‘झूठ बोलने वालों की याददाश्त अच्छी होनी चाहिए’

यह एक डच कहावत है। झूठ बोलने वाले की याददाश्त अच्छी नहीं होगी तो जल्द ही पकड़ा जायेगा। वह तभी पकड़ा जा सकता है जब उसको पकड़ने वालों की याददाश्त भी अच्छी हो। अन्यथा झूठ बोलने वाला झूठ बोलता जायेगा और क

चण्डीगढ़-गांधीनगर-सूरत रचोगे तो नागालैण्ड भी झेलोगे!

लोकसभा चुनाव इस वक्त देश में चल रहे हैं। इन चुनावों में संघ-भाजपा मण्डली द्वारा अपने पक्ष में मतदान कराने के हर हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। कहीं पुलिस-प्रशासन लोगों को भाजप

हत्यारे मसीहा नहीं हो सकते...

17 अप्रैल को खबर आयी कि छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 29 ‘नक्सली/माओवादी’ मारे गये। दावा किया गया इसमें कई सीनियर माओवादी कमाण्डर थे। बताय

सख्त कानून और उसके समर्थक

आज तेरह साल बाद बहुत कम लोगों को ‘अन्ना आंदोलन’ की याद रह गयी है। अन्ना हजारे स्वयं अपनी मांद में सिमट गये हैं जहां से कभी-कभी कुछ संघी पत्रकार विरोधियों को शर्मसार करने

हिन्दू फासीवादियों की आने वाली फिल्म

देश के संघी प्रधानमंत्री ने खुलेआम मंच से घोषित कर दिया है कि उनका दस साल का शासन तो महज फिल्म का ट्रेलर था, असल फिल्म तो अभी आने वाली है। यह फिल्म कब आयेगी, लोक सभा के व

तस्वीर बोलती है

पहचाना इन्हें! ये कोई पुजारी नहीं वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में नयी ड्रेस में तैनात पुलिस वाले हैं। कुछ दिन पहले इसी उ.प्र.

रामराज्य बनाम् लोकतंत्र

राम की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही मोदी सरकार ने रामराज्य की व्यवहार में घोषणा कर दी। वैसे तो देश को हजार साल की कथित गुलामी से कथित मुक्ति मोदी जी ने 2014 में दिला दी थी।

संघ का उर्ध्वपातन

यह एक वैज्ञानिक सच है कि कई पदार्थों को जब ठोस अवस्था में गर्म किया जाता है तो वह सीधे गैस में बदल जाते हैं। भौतिक परिवर्तन की इस प्रक्रिया को उर्ध्वपातन (Sublimation) कह

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।