कविता

राजा नंगा है -रूपरेखा वर्मा

/raja-nangaa-hai-rooprekha-verma

वो डरता है
बंदूकधारी सुरक्षाकर्मियों के घेरों के
बावजूद
वो डरता है
मज़बूत किले में हिफाज़त के
बावजूद
वो डरता है
झूठी डिग्रियों की सनद के
बावजूद

मरम्मत से काम बनता नहीं -विजय गौड़ (16 मई 1968-21 नवम्बर 2024)

/marammat-se-kaam-banataa-nahin-vijay-gaud-16-may-1968-21-november-2024

आपके साथ जो हुआ वह 
निश्चित ही अन्याय है पर, 
आपके बेटे की क्या गलती
जो बेशक बहुत अव्वल नहीं 
लेकिन जिसके लिए किसी विद्यालय में 
पढ़ने का अवसर नहीं 

सुनो! संघियो, मैं तुम्हारे मुंह पर कहती हूं -मृगया शोभनम्

/suno-sanghiyo-mein-tumhaare-munh-par-kahati-hoon-mrgayaa-sobhanam

सुनो!
संघियो, सुनो !
मैं तुम्हारे मुंह पर कहती हूं,
तुम्हारी हर बात झूठी है
तुम्हारी धर्म की व्याख्या झूठी है,
तुम्हारा इतिहास का बखान झूठा है,

टाटा की मौत पर -मृत्युलेख -मोमिता

/tata-ki-maut-par-mratyulekh-momitaa

कोसाम के पेड़ों के सभी विस्थापित लार्वा
भोपाल के घायल बच्चे
और गाजा की मृत माताएं,
और सभी विस्थापित आदिवासी सामूहिक रूप से गाते हैं
कोई पूंजीपति अच्छा नहीं होता

तेंदुआ -उषा राय

/tendua-usaa-raaya

 (अंश)

1.
घुस आया है तेंदुआ
वे मुग्ध हैं उसके हिंसक अंदाज पर
गर्व करते हैं फूल माला से लाद देते हैं
पर लोग हैरान हैं कि यह तो तेंदुआ है!

तो फिर वे लोग कौन हैं? -गुलज़ार हुसैन

सुबह होते ही 
खुरपी और कुदाल लेकर खेतिहर 
खेतों पर काम करने चले जाते हैं 
हथौड़े लेकर मजदूर निर्माण कार्य में लग जाते हैं 
केतली लेकर चायवाला पानी गर्म करने लगता है 

केटी निव्याबन्दी की दो कविताएं

आजादी

1. आजादी
हम आजादी चाहते हैं
पीले हीरे की तरह
धूल तो धूल से सही
पत्थर तो पत्थर से सही

हमारे नंगे हाथों का लहू
टपकता है चट्टानों के ऊपर

आलेख

/punjivadi-jantantra-and-chunavi-corruption

अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

/election-aayog-hindu-fascist-and-loktantra

एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

/uddharak-ideology-ki-talaas

इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

/war-and-diplomacy-uthal-puthal-se-bhari-duniyaa

गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

/amerika-ka-iran-par-operation-d-day-hatasha-ka-parinam

अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।