बेलसोनिका यूनियन और प्रबंधन के बीच गतिरोध जारी

प्रबंधन श्रमिकों की छंटनी पर उतारू

गुड़गांव/ होली की छुट्टियों से पूर्व बेलसोनिका प्रबंधन फर्जी दस्तावेज के नाम पर घरेलू जांच समाप्त हुए मजदूरों को निकालना चाहता था जिसको लेकर यूनियन सचेत व सतर्क थी।

यूनियन ने प्रबंधन की इस मंशा को भांपते हुए आगामी कार्रवाई हेतु दिनांक 1 मार्च 2023 को सुबह ए शिफ्ट में 7ः30 से टूल डाउन शुरू कर दिया। सभी मजदूरों में प्रबंधन की इस मंशा को लेकर रोष था। प्रबंधन ने श्रमिकों को निकालने के लिए बड़ी संख्या में ठेका श्रमिकों को भर्ती कर लिया था तथा उसके साथ ही बाउंसरों को भी भर्ती कर लिया था।

जब यूनियन सुबह ए शिफ्ट में पहुंची तो यह देखने को मिला कि बेलसोनिका प्रबंधन बड़ी संख्या में ठेका श्रमिकों तथा बाउंसरों को भर्ती कर स्थाई श्रमिकों को बाहर निकालना चाहता है। यूनियन ने टूल डाउन कर प्रबंधन की छंटनी की मंशा को पीछे धकेलने के प्रयास किए। सुबह 7ः30 बजे से शुरू हुआ टूल डाउन दोपहर 2ः00 बजे समाप्त हुआ। पुलिस प्रशासन व श्रम अधिकारी सुबह 10 बजे फैक्टरी में पहुंच गए। प्रबंधन ने यूनियन के आगे पुलिस व ठेकेदार द्वारा भर्ती किए गए बाउंसरों को खड़ा कर दिया। यूनियन की कई दफा शॉप फ्लोर के अंदर बाउंसरों से झड़प भी हुई। बाउंसर व ठेकेदार के सुपरवाइजर भर्ती किये गए ठेका मजदूरों के द्वारा लाइनें चलवा रहे थे जिसका सभी यूनियन पदाधिकारियों व श्रमिकों ने विरोध किया। विरोध को तीखा होते देख श्रम अधिकारी, प्रबंधन व पुलिस प्रशासन की समझ में आ गया कि मामला बहुत गंभीर हो सकता है। उसके बाद वह सभी बीच-बचाव की बातें करने लगे।

सुबह 11ः00 बजे से लेकर दोपहर 1ः30 बजे तक श्रम अधिकारी व पुलिस प्रशासन ने प्रबंधन से बात की। बेलसोनिका प्रबंधन ने उनको यूनियन पर दबाव बना फैक्टरी चलाने को कहा। उसके बाद श्रम अधिकारी यूनियन के ऊपर फैक्टरी चलाने का दबाव बनाने लग गया। जिस पर यूनियन ने कहा कि तीन बर्खास्त किए गए श्रमिकों को वापस लिया जाए तथा प्रबंधन जो मजदूरों को फर्जी बताकर आरोप पत्र दे रहा है, उसको खारिज कर छंटनी की मंशा को त्यागे; तभी फैक्टरी चलेगी। जिस पर श्रम अधिकारी ने यूनियन को केवल आश्वासन दिया कि प्रबंधन किसी भी श्रमिक को नौकरी से नहीं निकालेगा और जो 3 श्रमिक नौकरी से निकाले गए हैं, उनको वापस काम पर वापस लेने की भी वार्ता चलती रहेगी। यूनियन व श्रमिकों ने श्रम अधिकारी को बोला कि हमें लिखित में दिया जाए। उसके बाद श्रम अधिकारी ने यूनियन की मांगों पर लिखित प्रोसीडिंग की और श्रम अधिकारी ने दिनांक 3 मार्च 2023 को यूनियन व प्रबंधन की समझौता वार्ता बुलाई। उसके बाद यूनियन ने दोपहर 2ः00 बजे टूल डाउन समाप्त कर उत्पादन शुरू कर दिया।

यूनियन ने श्रम अधिकारी को प्रबंधन द्वारा श्रमिकों के खिलाफ की जा रही प्रताड़ना की कार्रवाइयों को बतौर सबूत दिखाया कि किस तरह से बेलसोनिका प्रबंधन मजदूरों को गैर कानूनी तरीके से प्रताड़ित कर रहा है। बेलसोनिका प्रबंधन छोटी-छोटी बातों पर श्रमिकों को आरोप पत्र, कारण बताओ नोटिस, चेतावनी पत्र इत्यादि देकर फैक्टरी में उकसावेपूर्ण कार्यवाही कर औद्योगिक अशांति को बढ़ावा दे रहा है। यूनियन ने श्रम अधिकारी को बेलसोनिका प्रबंधन द्वारा दिए गए आरोप पत्र, कारण बताओ नोटिस, चेतावनी पत्र इत्यादि को दिखाया जो कि 2 बोरियों में भरे हुए थे।

3 मार्च को बेलसोनिका प्रबंधन व यूनियन की वार्ता सहायक श्रम आयुक्त के कार्यालय में हुई जिस पर दोनों पक्ष अपनी-अपनी बातों पर अडिग थे। बेलसोनिका प्रबंधन का कहना था कि फर्जी दस्तावेजों के नाम पर वह अपनी कार्यवाही को नहीं रोकेंगे और यूनियन का कहना था कि यूनियन प्रबंधन की इस छंटनी की मंशा को त्याग कर आरोप पत्रों को वापिस ले और फैक्टरी में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए। यूनियन का यह भी साफ कहना था कि हम किसी भी श्रमिक को नौकरी से बाहर नहीं निकलने देंगे। दोनों पक्षों के इस रुख को देखते हुए सहायक श्रम आयुक्त ने आधिकारिक तौर पर दोनों पक्षों को दिनांक 13 मार्च तक शांति बनाए रखने के लिए आदेश पारित किया और समझौता वार्ता 13 मार्च 2023 को बुलाई गई।

13 मार्च 2023 को समझौता वार्ता में भी कोई सकारात्मक बातें नहीं हुईं। दोनों पक्षों के रुख को देखते हुए आगामी वार्ता 15 मार्च 2023 को बुलाई गई है। लेकिन श्रम अधिकारी यूनियन को यह आश्वस्त कर रहे थे कि आगे से प्रबंधन अब किसी भी श्रमिक को नौकरी से नहीं निकालेगा जिस पर यूनियन का कहना था कि इस मुद्दे को समझौते के तहत ही हल किया जा सकता है कि किसी भी श्रमिक की नौकरी ना जाए। परंतु दोनों पक्षों के बीच गतिरोध अभी जारी है। बेलसोनिका प्रबंधन की मंशा अभी भी छंटनी की बनी हुई है। लेकिन यूनियन ने भी अपनी एकता की कार्यवाही से यह साफ कर दिया है कि बेलसोनिका प्रबंधन की इस छंटनी की मंशा को कामयाब नहीं होने देगी। इसके लिए कड़े से कड़े कदम उठाने की भी तैयारी की जाएगी। -गुड़गांव संवाददाता

आलेख

/sadho-thagawa-nagariya-lootal-ho

वैसे संघी ठग-लुटेरों के पक्ष में यह कहना होगा कि उन्होंने कुछ अनोखा नहीं किया है। परंपरा प्रेमी ये ठग-लुटेरे अच्छी तरह जानते हैं कि भारत में हजारों सालों से मंदिर लूटे जाते रहे हैं। मंदिरों को देश के भीतर के हिन्दू राजाओं व ठगों-लुटेरों ने भी लूटा और बाहर से आने वाले विधर्मियों ने भी। मंदिरों की इस सारी लूटपाट के बावजूद आस्थावान हिन्दू जनता मंदिरों में चढ़ावा देती रही है। अब जब इतने मासूम आस्थावान समाज में मौजूद हों तो ठगों-लुटेरों को दोष क्यों दिया जाये?

/west-asia-ke-sankat-ka-vaishawik-prabhaav

अमेरिकी साम्राज्यवादी अब ऐसी स्थिति में नहीं रह गये हैं कि वे नाटो देशों को सीधे आदेश जारी करें। इसे ब्रिक्स, शंघाई सहकार संगठन जैसे क्षेत्रीय गठबंधनों का सामना करना पड़ रहा है। ये सारे गठबंधन अमेरिकी वर्चस्व वाली दुनिया को एक हद तक चुनौती दे रहे हैं। 

/west-asia-mein-badalata-shakti-santulan-samajhautaa-gyapan-ke-baad-ki-sthiti

अमरीकी साम्राज्यवादी और इजरायली शासक सोचते थे कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व का सफाया करने के बाद ईरानी जनता अपनी सत्ता के विरुद्ध उठ खड़ी होगी और इसका फायदा उठाते हुए अमरीकी साम्राज्यवादी अपनी किसी कठपुतली को सत्ता में स्थापित कर देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ईरानी अवाम अपनी सत्ता के समर्थन में मजबूती से खड़ी हो गई। यहां से अमरीकी साम्राज्यवादियों को समझ में आ गया कि वे ईरान पर कब्जा नहीं कर सकते।

/war-anay-sadhanon-se-politics-ka-hi-jaari-roop-hai

अमेरिकी साम्राज्यवादी पश्चिम एशिया में और सारी दुनिया में अपनी साम्राज्यवादी जकड़न को खत्म नहीं होने देना चाहेंगे। वे इसके खिलाफ हर संभव प्रयास करेंगे। एक हमले में मुंह की खाने के बाद वे सबक लेकर आगे हमला करने से तौबा नहीं करेंगे। यह उनकी साम्राज्यवादी फितरत के खिलाफ होगा। यानी वे ईरान पर काबू पाने के लिए दूसरे तरीकों की खोज में लग जायेंगे।

/emerjency-tab-aur-ab

पिछले दस-बारह सालों में हिन्दू फासीवादियों ने इस अनौपचारिक आपातकाल की शैली को काफी विकसित किया है। कहां किस छेद का इस्तेमाल करना है, इसमें उन्होंने महारत हासिल की है। इनके इस कृत्य में न्यायपालिका की सहभागिता से यह काम और आसान हो गया है। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनर्रीक्षण इस सबका विशिष्ट उदाहरण है।