विदेश नीति और युद्ध की आउटसोर्सिंग
आजकल आउटसोर्सिंग का जमाना है। इसमें कोई काम खुद करने के बदले किसी और से करा लिया जाता है और उसे भुगतान कर दिया जाता है। लगता है कि भारत सरकार ने भी अपनी विदेश नीति और युद
आजकल आउटसोर्सिंग का जमाना है। इसमें कोई काम खुद करने के बदले किसी और से करा लिया जाता है और उसे भुगतान कर दिया जाता है। लगता है कि भारत सरकार ने भी अपनी विदेश नीति और युद
ठीक जिस वक्त भारत और पाकिस्तान युद्ध के मुहाने पर पहुंच रहे थे ठीक उसी वक्त मोदी सरकार ने जाति जनगणना की घोषणा की। इस घोषणा के समय (टाइमिंग) ने मोदी के समर्थकों से लेकर व
आजकल राहुल गांधी बहुत मेहनत कर रहे हैं। वे कांग्रेस को एक विचारधारात्मक आधार पर खड़ा करना चाहते हैं। पर कोई राहुल गांधी को जाकर समझाये कि भाई तले हुए अण्डों से चूजे नहीं न
पिछले वर्ष अक्टूबर माह में महाराष्ट्र सरकार ने धारावी झुग्गी को नए सिरे से विकसित करने का जिम्मा अडाणी समूह को सौंपा। इस योजना में धारावी में बहुमंजिली इमारतें खड़ी करनी ह
हमारे देश में एक खेल बहुत तेजी से फैला है। यह खेल मानहानि का खेल है। विपक्ष के नेता ने फलाने के लिए यह बोल दिया। जिसके लिए बोला वह इतिहास की कब्रगाह में तसल्ली से सो रहा
पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी जब अपने यार अमरीकी सरगना ट्रम्प से मिलने अमरीका गये तो सारी यारी गायब दिखी। मोदी के मुंह पर ट्रम्प सीमा कर, अप्रवास, ब्रिक्स आदि पर भारत के
आठ मार्च का दिन था। मोदी जी ने फरमाया, ‘‘मैं सबसे धनी व्यक्ति हूं क्योंकि मेरी जमा पूंजी माताओं और बहनों के आशीर्वाद से भरी हुई है, और यह आशीर्वाद लगातार बढ़ता जा रहा है।’
पिछले दिनों राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के भीतर बैठे भाजपाईयों के खिलाफ एक जुबानी जंग छेड़ी। और यह उन्होंने किया गुजरात में जहां एक अरसे से समूची कांग्रेस पार्टी भाजपा
दिल्ली चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी के भविष्य को लेकर कई कयास लगाये जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी ने तो अपना विस्तार कांग्रेस को बदनाम करते हुए तथा उ
पिछले साल आम चुनाव थे तो भर-भर के भारत रत्न बांटे गये थे। एक महाशय जो कि जिन्दा हैं उन्हें भी भारत रत्न दिया गया। क्यों दिया गया ये तो न तो देने वाले को और न मिलने वाले क
अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः
एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।
इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।
गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं।
अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।