तीसरे सप्ताह भी जारी है न्यूयार्क नर्सों की हड़ताल

Published
Sun, 02/01/2026 - 07:00
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न्यूयार्क की नर्सों की हड़ताल तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है। जहां नर्सें बहादुरी के साथ अपनी जीवन परिस्थितियों में सुधार के लिए संघर्ष कर रही हैं। वहीं उनकी यूनियन नौकरशाही नर्सों की मांग के साथ विश्वासघात कर समझौता कर हड़ताल समाप्त करने की तैयारी कर रही है। 
    
नर्सें 30 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग के साथ संघर्ष के मैदान में उतरी थीं। पर न्यूयार्क स्टेट नर्सेस एसोसिएशन अब 18 वृद्धि (पहले वर्ष 7 प्रतिशत, दूसरे वर्ष 6 प्रतिशत, तीसरे वर्ष 5 प्रतिशत वृद्धि) का प्रस्ताव दे रही है। जहां नर्सें न्यूयार्क शहर के भारी खर्चों को झेलते हुए पहले से बेहद दयनीय दशा में जी रही हैं वहां यूनियन का 30 प्रतिशत से कम वेतन वृद्धि पर सहमत होना दिखाता है कि एसोसिएशन किसी तरह इस हड़ताल को खत्म करना चाहती है। उसे नर्सों की आर्थिक दुर्दशा से कोई लेना-देना नहीं है। 
    
नर्सों की हड़ताल को व्यापक बनाने के बजाय एसोसिएशन की नौकरशाही इसे संकुचित कर खत्म करने को तत्पर है। कुछ दिन पहले एसोसिएशन ने उन अस्पताल नेटवर्क से समझौता कर लिया जो नर्सों की वर्तमान स्वास्थ्य देखभाल योजना को बनाये रखने पर सहमत हो गये।
    
दरअसल अस्पताल प्रबंधनों ने नर्सों के स्वास्थ्य देखभाल की योजनाओं को शुरू में समाप्त करने की घोषणा की थी। यानी नर्सों को अब स्वास्थ्य सेवा के लिए अपने खर्च पर निर्भर होना पड़ता। ऐसे में इस संघर्ष ने कई अस्पताल प्रबंधकों को झुकने पर मजबूर कर दिया। पर एसोसिएशन एक साथ सारे अस्पतालों का समझौता करने के बजाय कुछ जगह समझौता कर बाकी जगह का संघर्ष कमजोर बनाने में जुटी है। 
    
नर्सों के हालात ऐसे हैं कि वे खुद की स्वास्थ्य देखभाल के लिए बीमा पर निर्भर हैं। वे जहां काम करती है वहां भी बगैर बीमा अपना इलाज नहीं करा सकती। 
    
एक ऐसे वक्त में जब इस हड़ताल के प्रति समर्थन लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका के पश्चिमी तट पर 31,000 नर्सों-कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। मिनियापोलिस प्रांत में नर्स एलेक्स प्रीटी की हत्या पर जनाक्रोश तेज होता जा रहा है। तब एसोसिएशन को बढ़ते दबाव के मद्देनजर बेहतर समझौते का प्रयास करना चाहिए था पर वह खुद ही पीछे हटकर किसी तरह हड़ताल खत्म करना चाहती है। 
    
हड़ताल के दौरान एसोसिएशन ने 10.1 करोड़ डालर से अधिक की सम्पत्ति जमा होने के बावजूद नर्सों की कोई मदद नहीं की। बल्कि यूनियन नौकरशाही ने नर्सों को बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया। यूनियन के पास यह धन नर्सों के सदस्यता शुल्क से जमा हुआ था। इसे नर्सों की हड़ताल में मदद के रूप में खर्च कर लड़ाई को तीव्र बनाया जा सकता था। पर एसोसिएशन इस खर्च के लिए तैयार नहीं हुई। 
    
हड़ताल के दौरान जब न्यूयार्क के गवर्नर कैथी होचुल ने अस्पतालों को दूसरे राज्यों से नर्सें लाने की छूट दे दी तब भी एसोसिएशन ने इसका कोई कारगर विरोध नहीं किया। 
    
ऐसे में न्यूयार्क की हजारों नर्सें अपनी यूनियन नौकरशाही के हाथों छली जा रही हैं। अब वे हड़ताल जारी रखने के पक्ष में वोट देकर ही यूनियन नेतृत्व को संघर्ष जारी रखने को मजबूर कर सकती हैं। 
    
संघर्ष की सफलता के लिए जरूरी है कि नर्सें यूनियन नौकरशाही को किनारे लगा नेतृत्व अपने हाथों में लें।  

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