विविध

एक और पेपर लीक: छात्र आक्रोशित

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पूरे देश भर में मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आयोजित नीट की परीक्षा पेपर लीक की वजह से रद्द कर दी गयी है। 3 मई को हुई इस परीक्षा में लगभग 23 लाख छात्रों ने हि

जातिवादी न्यायपालिका

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उड़ीसा के रायगड़ा जिले की अदालत और हाईकोर्ट ने बीते एक वर्ष के भीतर 8 ऐसे जमानती आदेश जारी किये जिससे उनके जातिवादी पूर्वाग्रह स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। इन अदालतों ने द

मजदूरों के निडर बयान

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देश में चल रही मजदूर उथल-पुथल के बीच मानेसर और नोएडा दो ऐसे केन्द्र के रूप में उभर कर आए जहां मजदूर संघर्ष फैक्टरी दायरों को लांघ कर आगे बढ़ गया। इन दो केन्द्रों में कई फै

मजदूर आंदोलन के दमन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जारी

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19 अप्रैल 2026 को लघु सचिवालय, गुड़गांव में मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) के आह्वान पर देश भर में जारी मजदूर आंदोलनों और उन पर हो रहे पुलिसिया दमन के खिलाफ एक विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस

हालिया मजदूर उभार

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मौजूदा मजदूर आंदोलन के उभार को पूरे देश ने देखा। कैसे मजदूर अपनी बदहाल होती स्थिति को लेकर सड़कों पर उतर आए और एक के बाद एक कई फैक्टरियों में मजदूरों ने काम बंद कर हड़ताल क

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता और सहायिका

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सरकार ने आंगनबाड़ी योजना 1975 में लागू की थी। आंगनबाड़ी योजना को एकीकृत बाल विकास सेवा कहा गया। सरकार के अनुसार आंगनबाड़ी योजना शुरू करने का मुख्य कारण कुपोषण से लड़ना है। 6

शीर्ष अदालत का शीर्षासन

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आजकल सबरीमाला मामले पर भारत के सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्यीय बेंच सुनवाई कर रही है। यह पीठ केरल के तीर्थस्थल में माहवारी वाली महिलाओं के प्रवेश पर उठे विवाद पर इससे संबंधित

ठंडी भट्टियां, सूनी जेबें और पलायन को मजबूर लाखों मजदूर

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अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर युद्ध थोपे जाने के बाद गैस-तेल संकट की वजह से औद्योगिक इलाकों में इन दिनों जो खामोशी पसरी है, वह सामान्य मंदी की नहीं, बल्कि गहरे संकट की नि

ये तो होना ही था

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अप्रैल माह में भारत के मजदूरों खासकर औद्योगिक मजदूरों के सब्र का बांध टूट गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन सी आर) के मजदूर हजारों-हजार की संख्या में सड़कों पर उतर आये। श

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।