महान सर्वहारा नेता लेनिन की याद में कार्यक्रम

21 जनवरी 2024 को महान सर्वहारा नेता लेनिन की मृत्यु को 100 वर्ष पूरे हो गये। बीते 100 वर्षों के इतिहास पर महान समाजवादी अक्टूबर क्रांति व उसके नेता लेनिन का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई पड़़ता है। ऐसे में जगह-जगह 21 जनवरी को लेनिन को याद करते हुए कार्यक्रम किये गये।

रुद्रपुर/ 21 जनवरी को रुद्रपुर में मजदूर वर्ग के महान शिक्षक कामरेड लेनिन की 100 वीं पुण्यतिथि पर इंकलाबी मजदूर केन्द्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र, इन्टरार्क मजदूर संगठन पंतनगर व ठेका मजदूर कल्याण समिति पंतनगर के कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
    
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कामरेड लेनिन के जीवन परिचय व रूस के मजदूर वर्ग को मार्क्सवादी सिद्धांतों से लैस एक सुगठित लौह अनुशासन पर आधारित क्रांतिकारी पार्टी का निर्माण कर महान अक्टूबर क्रान्ति को अंजाम देकर मजदूर राज समाजवाद की स्थापना में उनकी महती भूमिका पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने महान अक्टूबर क्रान्ति व कामरेड लेनिन के वैश्विक महत्व पर भी चर्चा की। 

हरिद्वार/ 21 जनवरी को हरिद्वार के बी एच ई एल के ग्राउंड में मजदूर वर्ग के महान नेता का. लेनिन की 100 वीं पुण्यतिथि पर विभिन्न संगठनों द्वारा एक श्रृद्धांजलि सभा की गयी। इंकलाबी मजदूर केंद्र के हरिद्वार प्रभारी पंकज कुमार ने कामरेड लेनिन के जीवन परिचय पर बात रखते हुए कहा कि लेनिन द्वारा रूस में 1917 की समाजवादी क्रांति को नेतृत्व प्रदान किया गया, 17-18 राष्ट्रीयताओं को साथ लेकर सोवियत संघ की स्थापना की गयी। उद्योगों एवं कृषि का राष्ट्रीयकरण किया गया। बेरोज़गारी, नशाखोरी व वेश्यावृत्ति की समस्या को समाप्त किया गया।
    
भेल मजदूर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष राजकिशोर ने कहा कि लेनिन द्वारा कार्ल मार्क्स के सिद्धांतों पर चलकर लौह अनुशासन पर आधारित एक क्रांतिकारी पार्टी बनाकर रूस को जारशाही से मुक्त कराया गया, और मजदूर वर्ग के हाथों राज सत्ता सौंपी गयी।
    
प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की दीपा ने कहा कि बोल्शेविक पार्टी के नेतृत्व में समाजवादी व्यवस्था को लाकर महिला मुक्ति की नींव रखी गयी। महिलाओं को घरेलू कामों से मुक्त किया, उनकी सामाजिक उत्पादन में भागीदारी कराकर, शोषण-उत्पीड़न से मुक्त समाज बनाया गया।
    
संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा के संयोजक व फूड्स श्रमिक यूनियन आई टी सी के अध्यक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि लेनिन द्वारा प्रथम विश्व युद्ध का विरोध किया गया, और कहा गया कि युद्ध दो तरह के होते हैं एक न्यायपूर्ण युद्ध जो अपनी मुक्ति के लिए लड़े जाते हैं दूसरा अन्यायपूर्ण युद्ध जो अपने साम्राज्य को बढ़ाने के लिए लड़े जाते हैं। जहां मजदूर-मेहनतकशों को पहले युद्ध का समर्थन तो दूसरे तरीके के युद्धों का विरोध करना चाहिए।
    
सीमेंस वर्कर्स यूनियन (सी एंड एस इलेक्ट्रिक लिमिटेड) के मजदूर नेता महिपाल सिंह ने कहा कि का. लेनिन राष्ट्रीयताओं के आत्म-निर्णय के पक्षधर थे और अंतर्राष्ट्रीयतावादी थे। 
    
बी एम टी यू के महामंत्री अवधेश कुमार ने कहा कि कामरेड लेनिन को सच्ची श्रृद्धांजलि यह  होगी कि मार्क्सवाद और लेनिनवाद को समझ कर वर्तमान में पूंजीवादी व्यवस्था के स्थान पर मजदूर राज समाजवाद लाने के लिए संघर्ष में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें। जय प्रकाश द्वारा एक क्रांतिकारी गीत की प्रस्तुति के साथ सभा का समापन किया गया। 
    
श्रद्धांजलि सभा में राजा बिस्किट मजदूर संगठन, कर्मचारी संघ सत्यम आटो, फूड्स श्रमिक यूनियन आई टी सी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

गुड़गांव/ 21 जनवरी को कामरेड लेनिन की 100 वीं पुण्यतिथि और बेलसोनिका यूनियन के धरने के 100 दिन के अवसर पर धरना स्थल पर एक मजदूर कन्वेंशन रखा गया। मजदूर कन्वेंशन में बात रखते हुए वक्ताओं ने कामरेड लेनिन के मजदूर वर्ग के लिए किए गए योगदान को याद किया कि किस तरीके से कामरेड लेनिन ने पूंजीवादी व्यवस्था को खत्म कर एक समाजवादी राज्य की स्थापना की। वक्ताओं ने बताया कि बेलसोनिका प्रबंधन लगातार मजदूरों की एकता को तोड़ने का प्रयास कर रहा है, पर अगर मजदूर वैचारिक रूप पर से अपने आपको मजबूत करें और एकजुट होकर संघर्ष करें तो ही अपनी मांगों को हासिल कर पाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि उनकी लड़ाई छंटनी के खिलाफ है और वे इसके लिए अगले 100 दिन कमर कस के लड़ने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि वे अपने इस आंदोलन को फरवरी माह में आईएमटी मानेसर के मजदूरों के बीच में ले जाएंगे और उनका समर्थन हासिल करेंगे। मजदूर कन्वेंशन में आइसिन यूनियन रोहतक के मजदूर प्रतिनिधि भी शामिल हुए।             

-विशेष संवाददाता

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