केतन लाल हत्याकांड के खिलाफ मशाल जुलूस

Published
Thu, 07/16/2026 - 10:51
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बिन्दुखत्ता (लालकुंआ)/ दिनांक 8 जुलाई 2026 को कार रोड बिंदुखत्ता (लालकुआं) में इंकलाबी मजदूर केंद्र, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, प्रगतिशील युवा संगठन एवं अंबेडकर पार्क सेवा समिति ने संयुक्त रूप से केतन लाल हत्याकांड के एक माह पूरे होने पर सभा एवं मशाल जुलूस का आयोजन किया। 
    
सभा में वक्ताओं ने बताया कि 8 जून 2026 को टिहरी गढ़वाल के देवल गांव में दलित छात्र केतन लाल की जातिगत घृणा एवं नफरत के कारण निर्मम, क्रूर एवं बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई थी एवं साथ आए दोस्त दिवाकर डिमरी को बेरहमी से घायल कर दिया गया था। 12 वीं के छात्र केतन लाल का कसूर केवल इतना था कि उसकी पड़ोसी गांव खोलगढ़ की सवर्ण जाति की युवती से दोस्ती थी एवं दोनों एक-दूसरे से प्रेम करने लगे थे। युवती के परिजनों ने बातचीत के बहाने धोखे से केतन लाल को खोलगढ़ वल्ला गांव में बुलाया और उसे एवं उसके दोस्त दिवाकर डिमरी को बंधक बनाकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा जिससे केतन लाल की मौत हो गई और उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया था। यह स्पष्ट है कि केतन को हत्या के इरादे से साजिशन रात में बुलाया गया। दोनों को रात भर शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना दी गई, बुरी तरह एवं निर्ममता से पीटा गया। उनके शरीर में कीलें ठोंकी गयीं, प्लास से नाखूनों को उखाड़ा गया। केतन के जननांगों पर हमला किया। पुलिस द्वारा युवती के पिता यशवीर सिंह पंवार, दादा विद्या सिंह पंवार एवं अन्य दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया गया है, लेकिन आशंका अभी भी बनी है कि केतन लाल को न्याय कब तक मिलेगा। 
    
वक्ताओं ने बताया कि गौरतलब है कि कोई वास्तविक कदम न उठाने की वजह से समाज में जातीय दम्भ के कारण अपमान और हत्याओं का सिलसिला जारी है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में पिछले 3 सालों में जातिगत हिंसा के 426 मामले एवं देश के पैमाने पर (2019 से 2023 तक) लगभग 2.62 लाख मामले दर्ज हैं। कुछ उदाहरण-जैसे- बीती 12 जून को मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र पंचायत में एक युवक टैक्सी चालक को जूते की माला पहनकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया; 2002 में गांव पनुवाधोकन (भिकियासैंण) क्षेत्र अल्मोड़ा में दलित युवक जगदीश को प्रेम विवाह के कारण उसके सवर्ण ससुराल पक्ष ने हत्या कर दी थी; सतपुली पौड़ी में पुलिस की प्रताड़ना के कारण दलित युवक पंकज को आत्महत्या पर मजबूर होना पड़ा; टिहरी में शादी के आयोजन में कुर्सी पर बैठकर साथ खाना खाने पर एक दलित युवक की हत्या कर दी गई थी। इन तमाम घटनाओं से साफ है कि जातिगत हिंसा एवं नफरत की जड़ें हमारे समाज में बहुत गहराई तक मौजूद हैं। 
    
सभा के बाद कार रोड में नारों के साथ मशाल जुलूस निकाला गया। 

रुद्रपुर/ 27 जून को केतन लाल के जघन्य हत्या के विरोध में श्रमिक संयुक्त मोर्चा ऊधम सिंह नगर के बैनर तले क्षेत्र के विभिन्न संगठनों, दलों और यूनियनों की ओर से जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज गया। हत्यारों को शीघ्र सजा दिलाने, घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच और प्रदेश में जातिगत और सांप्रदायिक हिंसा पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने आदि की मांग की गई। 
    
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि केतन लाल के जघन्य हत्यारों और दिवाकर डिमरी के आक्रान्ताओं को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा शीघ्र सजा दिलाई जाए। पूरी घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो। पीड़ित परिवार को सुरक्षा, परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और घायल युवक के उपचार का पूरा खर्च सरकार उठाए। प्रदेश में जातिगत और सांप्रदायिक हिंसा पर रोक के लिए ठोस व प्रभावी कदम उठाया जाएं। 
    
संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21 का अनुपालन कर हर नागरिक के समानता और गरिमा पूर्वक जीने के मौलिक अधिकार की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
    
ज्ञापन देने वालों में श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष, सीएसटीयू, इंकलाबी मजदूर केंद्र, पीपीआईडी, भाकपा माले, समता सैनिक दल, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, एलजीबी वर्कर्स के प्रतिनिधि शामिल थे। -विशेष संवाददाता
 

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