स्थानीय

मारुति मजदूरों के दमन का प्रतिरोध

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गुरुग्राम/ 31 जनवरी को सैकड़ों श्रमिक सुबह डीसी कार्यालय पर शांतिपूर्वक एकत्र हुए थे। वे मारुति सुजुकी अस्थायी मजदूर संघ की समिति के सदस्यों, श्रम अधिकारि

अंततः सेन्चुरी मिल में त्रिवार्षिक समझौता सम्पन्न हुआ

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लालकुंआ/ सेन्चुरी पेपर मिल में अगस्त 2024 से नवम्बर 2024 तक चली स्थायी श्रमिकों द्वारा त्रिवार्षिक समझौते को अपनी मांगों के अनुरूप कराने की मुहिम का समाप

त्रिपक्षीय समझौते को लागू करवाने के लिए बेलसोनिका यूनियन का विरोध प्रदर्शन

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गुड़गांव/ दिनांक 10 जनवरी 2025 को बेलसोनिका यूनियन ने श्रम विभाग की मध्यस्थता में हुए 12(3) के त्रिपक्षीय समझौते (दिनांक 01 जून 2023) को लागू करवाने के लि

प्रगतिशील भोजनमाता संगठन का सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न

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हरिद्वार/ उत्तराखंड के हरिद्वार में प्रगतिशील भोजनमाता संगठन का दो दिवसीय सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। सम्मेलन के दूसरे दिन 3 जनवरी 2025 को सम्मेलन क

उत्तराखण्ड निकाय चुनाव और मजदूर वर्ग

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रुद्रपुर/ नगर निकाय चुनाव उत्तराखण्ड में घोषित हो चुके हैं। 23 जनवरी को होने वाले इन चुनावों के लिए सभी प्रमुख राजनैतिक दल ताल ठोंक चुके हैं। उत्तराखण्ड

हरिद्वार : राजकीय मेडिकल कालेज पर पड़ी निजीकरण की मार

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हरिद्वार/ राजकीय मेडिकल कालेज, हरिद्वार में सत्र 2024-25 के लिए 100 छात्र-छात्राएं एमबीबीएस में दाखिले के लिए आए हुए थे। उन्हें दिनांक 8 जनवरी 2025 को पत

इंटरार्क फैक्टरी में काम के दबाव में मजदूर की मौत

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पंतनगर/ 22 दिसम्बर 2024 को दुर्योधन शर्मा (उम्र 48 साल) नाम के एक मजदूर की इन्टरार्क बिल्डिंग प्रोडक्ट लिमिटेड में काम के दौरान मौत हो गयी। इस मजदूर को क

आलेख

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अठारहवीं सदी के इंग्लैण्ड में होने वाले चुनावी भ्रष्टाचार पर गूगल से ‘सर्च’ करने पर उसका ए आई स्वतः ही यह जवाब हाजिर कर देता हैः 

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एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं की कटौती की गई। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। जबकि 5-6 करोड़ लोगों को संदेह की आड़ में नोटिस भेजे गए। 13 करोड़ में से 70 प्रतिशत वो लोग थे जिन्हें स्थानांतरित या अनुपस्थित बता दिया गया। इस तरह बड़े स्तर पर मनमानी छंटनी की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी संख्या अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाओं और मलिन बस्तियों में रहने वालों की है।

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इस मजदूर आंदोलन की विचारधारा मार्क्सवाद का यह स्पष्ट कहना था कि महान फ्रांसीसी क्रांति के जमाने से ही पूंजीपति वर्ग ने अपने समाज के लिए जो आदर्श घोषित कर रखा है- स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व का आदर्श- वह पूंजीवाद की निजी सम्पत्ति के कारण कभी भी हासिल नहीं किया जा सकता। पूंजी के रूप में निजी सम्पत्ति के रहते स्वतंत्रता का मतलब होगा बाजार में खरीद-बेच की स्वतंत्रता, समता का मतलब होगा बाजार में खरीददार व विक्रेता की समता तथा बंधुत्व का मतलब होगा खरीद-बेच की व्यवस्था पर सहमति।

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गाजापट्टी में इजरायल की कत्लेआम करने की मुहिम जारी है। इजरायली यहूदी नस्लवादी न तो किसी समझौते को मान रहे हैं और न ही वे अपनी विनाश लीला को रोक रहे हैं। वे नस्लीय सफाये की मुहिम चला रहे हैं। इसके जवाब में हमास और अन्य प्रतिरोध संगठन इजरायली कब्जाकारी सेना पर प्रहार कर रहे हैं। 

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अपने व्यापक नुकसान को देखते हुए अमरीकी साम्राज्यवादियों ने अप्रैल महीने में युद्ध विराम किया और फिर पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक ज्ञापन समझौता किया। इस ज्ञापन समझौते में अधिकांशतः ईरान की मांगें स्वीकार की गयीं। यह वस्तुतः अमरीका की पराजय थी। इस समझौते के थोड़े ही दिनों बाद अमरीका ने इसका उल्लंघन शुरू कर दिया। इजरायल ने एक भी दिन इस समझौते को नहीं माना।